बिजली पानी सड़क मांगने पहुंची निगम की जनता..धरम,अमर,सांसद ने किया संबोधित.सरकार को बताया फिसड्डी

बिलासपुर—भाजपा नेताओं की अगुवाई में नगर निगम में शा्मिल चार विधानसभा के 38 वार्डों की जनता बिजली पानी सड़क मांगने निगम कार्यालय पहुंची। विकास भवन के सामने एकत्रित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों को धरम, अमर, सांसद अरूण साव,हर्षिता पाण्डेय समेत डॉ.कृष्णमूर्ति बांदी,विधायक रजनीश सिंह समेत भाजपा पार्षद और अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान सभी नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी और निगम की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। खासकर अमर धरम और अरूण साव ने कांग्रेस सरकारी रीति नीति पर जमकर चोट किया। 

                        निगम कार्यालय विकास भवन के सामने नगर निगम क्षेत्र के कुल 38 वार्डों की जनता ने भाजपा नेताओं की मौजूदगी में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में आम जनता मौजूद रही।

             भाजपा नेता अमर धरम, अरूण साव, रजनीश सिंह, कृष्णमूर्ति बांधी और हर्षिता पाण्डेय ने प्रदर्शन को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि दो साल में ही कांग्रेस सरकार की असलियत जनता के सामने आ चुकी है। ठीक एक साल पहले 22 अगस्त को निगम क्षेत्र में शहर से लगे 15 ग्राम पंचायत, दो नगर पंचायत और एक नगर पालिका को जोड़ा गया। इस दौरान सरकार ने वादा किया कि निगम सीमा विस्तार के बाद शहर से जु़ड़े निकायों की आधारभूत सरंचना का तेजी से विकास होगा। सरकार ने वादा किया कि आने वाले पांच साल तक नए क्षेत्रों की जनता को किसी प्रकार का अतिरिक्त टैक्स भी नहीं देना पड़ेगा। लेकिन अब हो उल्टा रहा है।

            नेताओं ने अपने भाषण में बताया कि निगम क्षेत्र में तखतपुर, मस्तूरी,बिल्हा बेलतरा विधानसभा के दर्जनों गांव को शामिल कर बृहद नगर पालिक निगम बनाया गया। इन क्षेत्रों का निगम में शामिल होने से पहले तेजी से विकास हुआ। जैसे ही इन क्षेत्रों को निगम में जोड़ा गया। स्थानीय जनता की मुसीबत शुरू हो गयी। आज स्थित ऐसी है कि स्थानीय जनता बिजली पानी सड़क के लिए निगम कार्यालय का चक्कर लगा कर थक चुकी है। लेकिन अभी तक एक भी काम शुरू नहीं हुआ है। टैक्स की वसूली जरूर शुरू हो गयी है। सड़क पर नाली बह रहा है। बिजली के नाम तीन चार घंटे लाइट जल जाती है। जनता परेशान हो चुकी है।

                 भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है। भाजपा शासन काल में निगम को सालाना 100 करोड़ राशि दिया जाता था। यहां वहा सुनने को मिल जाता है कि राज्य शासन ने निगम के विकास के लिए एक करोड़ रूपए दिया है।

             भाजपा ने बताया कि आज निगम के पास कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए रूपए नहीं है। हमारी माग है कि सरकार या तो जोड़े गए क्षेत्रों का तेजी से विकास करे। अथवा इन क्षेत्रों को पूर्व की स्थिति में ही अब भी छोड़ दे। ताकि जनता नारकीय जिन्दगी से मुक्त हो सके।

          भाजपा नेताओं ने कहा..प्रदेश में अपराध का बोलबाला है। विकास की गति ठहर गयी है। किसान, युवा,  व्यापारी आम जनता बुरी तरह परेशान है। कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। कुल मिलाकर सरकार सभी मोर्चों मे मात्र 2 साल में ही फिसड्डी साबित हुई है।

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