प्रदेश में पहला क्रिप्टो क्राईम अपराध राजनांदगांव में दर्ज..एक दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया..इस तरह दिया जाता है अपराध को अंजाम

बिलासपुर—–क्रिप्टोकरेंसी पर बिलासपुर रेंज स्तरीय ऑनलाईन और ऑफलाईन कार्यशाला का आय़ोजन किया गया। कार्यशाला में रेंज स्तरीय पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय स्तरीय साईबर एक्सपर्टस ने क्रिप्टो क्वाईन्स और क्रिप्टो एक्सचेंज के बारे में बताया। कार्यशाला में क्रिप्टोकरेंसी आधारित अपराध के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला के दौरान एक्सपर्टस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और राजनांदगांव जिले में दर्ज क्रिप्टो क्राईम केस स्टडी के बारे में विस्तार से बताया। 
 
   पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों की विवेचना पर एक दिवसीय ऑनलाईन और ऑफलाईन रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ रतन लाल डांगी ने किया। कार्यशाला में क्रिप्टोकरेंसी के विश्व स्तरीय उपयोगिता को लेकर चर्चा हुई। बताया गया कि वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी  युवा निवेशकों को काफी लुभा रही है। जिसके चलते क्रिप्टोकरेंसी की व्यापकता के साथ क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों में इजाफा हो रहा है। साईबर अपराधी इसका इस्तेमाल हथियारों के अवैध व्यापार, आतंकवादी गतिविधियों और मुद्रा विनिमय, फिरौती, मनीलॉड्रिंग, रैनसमवेयर अटैक, जबरन वसूली, गैम्बलिंग समेत अन्य अवैध कामों के लिए कर रहे है। 
                छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा पहला अपराध राजनांदगॉव जिले में पंजीबद्ध किया गया है। एक चीनी महिला ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराने के माध्यम से राजनांदगांव के एक युवक को 81 लाख रूपयों की वैश्विक ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी ने बताय कि युवाओं को क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते समय सर्तक रहने को कहा है।
              कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रशांत ढांडा (IFS), प्लानिंग ऑफिसर (इनवायरमेंट एंड फॉरेस्ट विभाग) असम सरकार ने  ब्लाकचेन विषय पर विस्तृत जानकारी को साझा किया।  ऑपरेशन और फंक्शन के बारे में बताया गया। मोहम्मद मार्टिन, साईबर क्राईम इनवेस्टिगेटर असम ने क्रिप्टोकरेंसी संबंधित ओपन सोर्स इंटेलिजेंस से जानकारी को साझा किया।
            कार्यशाला के द्वितीय सत्र में रोहास नागपाल, चीफ ब्लॉकचेन आर्किटेक्ट और प्रेसीडेंट एशियन स्कूल ऑफ साईबर लॉ, पुणे महाराष्ट्र ने क्रिप्टोकरेंसी के साथ उनके अन्वेषण के बारे में विस्तार से बताया। कवि गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ,तकनीकी सेवाएं ,पुलिस मुख्यालय रायपुर के द्वारा बिटक्वाईन एवं क्रिप्टोक्वाईन के ब्लॉकचेन में बनने की प्रक्रिया को समझाया।
                 इस दौरान विभिन्न प्रकार के क्रिप्टो वॉलेट की जानकारी भी दी गयी। अंतिम सत्र में आईपीएस गौरव राय, नगर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव ने राजनांदगांव जिले में पंजीबद्ध अपराध में साक्ष्य संकलन और केस स्टडी के बारे में बताया। अपराध अन्वेषण का प्रायोगिक तौर पर भी प्रदर्शित किया ।  
      रेंज स्तरीय कार्यशाला में जिलों के अधिकारी, कर्मचारीगण ऑनलाईन और ऑफलाईन शिरकत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *