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VIDEO: कांग्रेसियों ने SECL घेरा…अडानी को पेलमा खदान बेचने का लगाया आरोप…प्रधानमंत्री को भी घसीटा…SECL ने किया आरोप से इंकार

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बिलासपुर— जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने एसईसीएल के सामने जमकर विरोध किया। बेरिकेट तोड़कर कार्यालय कैम्पस में घुसने का प्रयास भी किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री पर अड़ानी से विशेष प्रेम का आरोप लगाया। केशरवानी ने कहा पहले तो नौकरियां छीनी गयी। अब प्रधानमंत्री ने ईडी के बहाने दबाव डालकर रायगढ़ के पेलमा खदान को अडानी को भेंट कर दिया है। मामले में एसईसीएल जनसम्पर्क अधिकारी सनिश चन्द्रा ने कहा कि खदान का आवंटन नीतिगत तरीके से हुआ है। खदान बेचा नहीं बल्कि कोयला उत्खनन के लिए दिया गया है। कोयला बेचने का काम कोल इंडिया का है…ना कि अडानी का  । खदान आवंटन के समय पूरी पारदर्शिता का ध्यान रखा गया है।

एसईसीएल के सामने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी की अगुवाई में कांग्रेसियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के कमोबेश सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली। सभी ने मंच से भारत सरकार और प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। विजय केशरवानी ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार राज्य सरकार को ई़डी आईडी और सीबीआई के जरिए परेशान करने से बाज नहीं आ रही है। बावजूद इसके भूपेश सरकार ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री को परेशान करने के लिए ई़ड़ी ने केन्द्र सरकार के इशारे पर जन्मदिन के दिन भी छापा मारा। लेकिन भाजपा को पता होना चाहिए कि कांग्रेस सरकार का मनोबल टूटने वाला नहीं है।

विजय ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के निर्देश पर हमने आज एसईसीएल कार्यालय का घेराव कर रायगढ़ की पेलमा खदान को अडानी को दिए जाने का विरोध किया है। विजय ने कहा कि पहले तो एसईसीएल ने स्थानीय लोगों को रोजगार की सूची से बाहर किया। अब प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार के इशारे पर पूंजीपती खुलेआम जल जंगल और जमीन हड़पना शुरू कर दिया है।

रायगढ़ का पेलमा खदान प्रधानमंत्री ने यारी निभाते हुए अपने मित्र गौतम अडानी को दिया है।  यह जानते हुए भी कि अभी तक एसईसीएल ही कोयला निकालने का काम करता है। बावजूद इसके दोस्त को खुश को करने के लिए एसईसीएल ने रायगढ़ की पेलमा खदान को गौतम अडानी के हवाले कर दिया है।  विजय ने कहा हम प्रदेश के संसाधनों को बिकने नहीं देंगे। अडानी को दिए गए पेलमा खदान का अंतिम सांस तक विरोध करेंगे।

विरोध प्रदर्शन और अडानी के सवाल पर एसईसीएल जनसम्पर्क अधिकारी सनिश चन्द्रा ने किसी भी आरोप का खण्डन किया। उन्होने कहा कि पेलमा ही नहीं बल्कि देश के करीब 15 खदानों को एमओ़डी के लिए निजी हाथों में दिया गया है। एसईसीएल ने भी तीन खदान कोल इण्डियां की नीतियों का पालन करते हुए एमओडी पर अलग अलग कम्पनियों को दिया गया है।

सनिश ने बताया कि खदान निजी क्षेत्रों के हाथों में नीतिगत तरीके से ग्लोबल टेन्डर के बाद दिया गया है। सबसे बड़ी बात की पेलमा खदान को बेचान नहीं गया है। बल्कि अड़ानी को कोयला निकालने के लिए दिया गया है। यह भी जानना जरूरी है कि अडानी को कोयला बेचने का अधिकार भी नहीं है। कोयला पर अधिकार एसईसीएल को है।

सनिश ने दुहराया कि ऐसे खदान जो है तो हमारा लेकिन हम कोयला नहीं निकाल पा रहे है। उसमें से एक पेलमा खदान भी है। पेलमा खदान से निजी क्षेत्रों की मदद और उच्च तकनिकी से  कोयला निकाला जाएगा। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जाएगा। स्पष्ट करना चाहूंगा कि पेलमा खदान को बेचा नहीं गया है बल्कि कोयला निकालने के लिए दिया गया है। इस पर सरकार का अधिकार है।

                   

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