यह शिक्षा सत्र होगा कौशल विकास सत्र-चौबे

DSC_1521♦सीवीआरयू की शासी निकाय की बैठक में लिया गया निर्णय
♦प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को स्किल्ड करने पर जोर
बिलासपुर।डाॅ.सी.वी.राम्न विश्वविद्यालय में इस शिक्षा सत्र को कौशल विकास सत्र घोषित किया है। पूरे वर्ष भर युवाओं को दक्ष करने के लिए जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद सीधे रोजगार उपलब्ध कराने और एक विषय से संबंधित दूसरे विषयों की पढ़ाई की सुविधा के अनुसार सिलेबस तैयार किया जाएगा। अब डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्किल ओरिएंटेड और बहुविषयक(इंटर डिसीप्लीनरी) कोर्स की पढ़ाई करेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश पर हर तीन साल में अब सिलेबस बदला जाएगा, ताकि उद्योगों की मांग और वर्तमान स्थिति के अनुसार अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकें।

                      ये जानकारी डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने दी। वे विश्वविद्यालय की शासी निकाय की बैठक के बाद चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आज का दौर स्किल ओरिएंटेड और इंटर डिसीप्लीनरी कोसेर्स का दौर है। हमें युवाओ को पारंपरिक कोर्स से हटकर स्किल आधारित शिक्षा देना चाहिए। इसके लिए देश की केद्र व हर प्रदेश की सरकार लगातार कोशिश कर रही है। हाल में ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो.जसपाल एस.सिन्धु ने देश के सभी विश्वविद्यालय को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

                   जिसमें कहा गया है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद सीधे रोजगार उपलब्ध कराने और एक विषय से संबंधित दूसरे विषयों की पढ़ाई की सुविधा के अनुसार सिलेबस तैयार करें। इस उद्देश्य यह है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्किल ओरिएंटेड और बहुविषयक(इंटर डिसीप्लीनरी) कोर्स करें। जिससे कि देश के युवाओं को स्किल्ड किया जा सके। श्री चैबे ने बताया युवाओं को किसी भी एक क्षेत्र में दक्ष करने के लिए डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय वर्ष 2012 से काम कर रहा है।

                   इसके लिए विश्वविद्यालय में स्किल डेवलपमेंट अकादमी की स्थापना की गई है। यहां विद्यार्थियों को उनके नियमित कोर्स के साथ एक स्किल डेवलपमेंट का कोर्स अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है। अब तक सीवीआरयू में 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्किल्ड किया जा चुका है। जो उद्योगों और अन्य स्ािानों में अपनी कार्य कुशलता के साथ काम कर रहे हैं। बैठक में कई महत्वपूर्ण फेसले लिए गए। आज की शासी निकाय की बैठक में कुलपति प्रो.आर.पी.दुबे, कुलसचिव शैलेष पाण्डे सहित सभी सदस्य उपस्थित थे।

इस तर्ज पर एआईसीटीई भी कर रहा है प्रयास
चौबे ने बताया कि एआईसीटीई इंजीनियरिग के विद्यार्थियों की एम्पाईबिलिटी बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें इंजीनियरिंग के अंतिम सेमेंस्टर में विद्यार्थियों को एक्जिट टेस्ट जो कि एक प्रकार को स्किल टेस्ट है, इसे अनिवार्य करने के लिए एआईसीटीई विचार कर रहा है। प्रारंभिक रूप में इसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। इससे इंजीनियरिंग के स्टैंडर्ड में इजाफा होगा और साथ ही बाजार में काबिल इंजीनियर आएंगे। 

कौशल विकास हेतु राज्य का रिसोर्स सेंटर है सीवीआरयू
बीते साल भारत सरकार के मानव संसाधन के विकास मंत्रालय व यूजीसी ने डाॅ.सी.वी.रामन विश्वविद्यालय को दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र की मान्यता प्रदान की है।चौबे ने बताया कि इसके लिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों ने आवेदन किया था, लेकिन यह मान्यता केवल सीवीआरयू को दी गई है। इसलिए प्रदेश का एक मात्र विश्वविद्यालय है। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने इस केंद्र को राज्य का संसाधन केंद्र घोषित किया है।

क्या है मंशा

चौबे ने बताया कि स्किल ओरिएंटेड और बहुविषयक(इंटर डिसीप्लीनरी) कोर्स पढ़ाए जाने के पीछे मंशा यह है कि विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देते हुए उन्हें हुनरमंद भी बनाया जाए। इसके लिए स्किल ओरिएंटेड होने के साथ विद्यार्थियों के लिए एक नया रास्ता भी खोला गया है। जिसे बहुविषयक कोर्स कहा जा रहा है। जिसके अनुसार कोई भी विद्यार्थी एक साथ दूसरे विषय की पढ़ाई कर सकता है, वह विषय पहले विषय से संबंधित होना चाहिए।

गंाव-गांव,घर-घर जाएंगे-कुलसचिव
SHAILESH_PANDEYइस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय ने बताया कि हर्ष की बात है कि कुलाधिपति  ने इस सत्र को कौशल विकास सत्र घोषित किया है। इसे सफल बनाने के लिए हम गांव-गांव, घर-घर जाकर युवाओं को कौशल विकास कोर्स करने और इसका अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक करेंगे। श्री पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में पूरे प्रदेश स्तर के लिए टीम गठित की जाएगी,जो युवाओं को जोड़ेगी। खास कर बिलासपुर संभाग के कोटा और बिलासपुर क्षेत्र के युवाओं के घर घर जाकर उनके बात की जाएगी।

                           हम युवाओं को उसकी इच्छा और सुविधा के अनुसार क्षेत्र में हुनरमंद बनाएंगें। पहले ही विश्वविद्यालय में कौशल विकास केंद्र और नेशलन स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन की स्थापना की जा चुकी है। इसके साथ राज्य का कौशल विकास रिसोर्स सेंटर संचालित भी किया जा रहा है। जिसमें हम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और काॅलेजों में कौशल विकास करा रहे हैं।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...