Lockdown: राहत शिविरों में ‘रामायण -महाभारत’ टीवी सीरियल देख कर मनोरंजन कर रहे मजदूर, गौरेला -पेंड्रा – मरवाही जिले में पुख्ता इंतजाम

गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही।कोरोना महामारी की वजह से देश व्यापी लॉकडाउन के चलते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में जिला प्रशासन गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिले में लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन, आवास के साथ साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए गुरुकुल शिविर में मनोरंजन और आत्मिक विकास का ख्याल भी रखा जा रहा है, जिससे जिले में प्रवासी श्रमिकों को शिविर में अपनेपन का अहसास हो रहा है। श्रमिकों ने कहा है कि यहां जो अपनत्व का अहसास मिला है, वो बेहद अच्छा लगा।कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी ने स्वयं गुरुकुल परिसर में निर्मित राहत शिविर का अवलोकन किया तथा प्रवासी श्रमिकों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा की स्थिति में स्वयं को बिल्कुल भी अकेला न समझें। जिला प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी आप सब के साथ है और इस बात का ध्यान  रख रहे हैं कि आप सभी को किसी प्रकार की भी दिक्कत न हो।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्एप (NEWS)ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा शिविर में रहने वाले लोगों को मॉस्क वितरण किया गया है और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।जिले में विभिन्न संस्थाओं में निर्मित राहत शिविरों में 133 प्रवासी मजदूरों और निराश्रितों की जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है जिसमें गुरुकुल सामान्य छात्रावास में 41, क्रीड़ा परिसर में 41, आमाडोब  में 1, चुक्तिपानी आश्रम में 15, फिजिकल छात्रावास में 21 और प्री मैट्रिक आदि. बालक छात्रावास मरवाही में 14 श्रमिक शामिल हैं।

गुरुकुल छात्रावास राहत शिविर  की व्यवस्थाओं की श्रमिको ने की सराहना
गौरेला-पेन्ड्रा जिले में गुरुकुल छात्रावास में बनाये गए राहत शिविर की व्यवस्थाओं की श्रमिकों ने प्रशंसा की और कहा कि भोजन, आवास आदि की सारी व्यवस्थाएं बहुत बढ़िया तरीके से संचालित है। कानपुर से आने वाले श्रमिक श्री इंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि गुरुकुल में व्यवस्था बढ़िया है। खाना और चाय नाश्ता अच्छे से मिल रहा है। व्यवस्था में कोई कमी नही है। यहां दैनंदिन आवश्यकता की सभी जरूरी चीजें मिल जा रही हैं।

मिर्जापुर उत्तरप्रदेश से आये हुए श्रमिक श्री महेंद्र दुबे ने कहा कि  गुरुकुल छात्रावास में सारी व्यवस्थाएं अच्छे ढंग से संचालित हैं। उन्होंने राहत शिविर में रह रहे श्रमिकों की दिनचर्या के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हम सब सुबह 6 बजे उठते हैं, फिर स्टेडियम में पीटी और योग करते हैं। गुरुकुल में 8 बजे चाय व नाश्ता मिल जाता है, फिर 11 बजे भोजन मिलता है। शाम 4.30 बजे के लगभग फिर से चाय मिलती है और रात्रि 7.30 बजे भोजन मिलता है। हमारे मनोरंजन के लिए टीवी है। हम लोग साथ  मे बैठकर भजन कीर्तन करते हैं। हम लोग सोशल डिस्टेन्स बनाये रखते हैं और कोरोना से बचाव के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हैं।

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