गांधी उधार के नेता नहीं…करेंगे रिजर्व बैंक का घेराव..शर्मा

IMG20170116142848बिलासपुर— भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि स्वायत्तशासी संस्था रिजर्व बैंक का पार्टी या नेता लोग घेराव करेंगे। 18 जनवरी को रायपुर में विमुद्रीकरण के खिलाफ कांग्रेस पार्टी घेराव करेगी। नोटबंदी अभियान के दौरान केन्द्र सरकार के दबाव में रिजर्व बैंक ने फैसला लिया है। सभी फैसले जनहित के खिलाफ है। विमुद्रीकरण के बाद जनता हलाकान है। यह बातें नोटबंदी के खिलाफ छत्तीसगढ़ के समन्यक बिहार प्रदेश कांंग्रेस पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने कही । पत्रकारों से शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री की सोच लोकतंत्र के खिलाफ है। खादी ग्रामोद्योग ने परंपरा को तोड़ते हुए मोदी को ब्रांड अम्बेसडर बनाया है। यह निर्णय ना तो नैतिकता के लिहाज से उचित है और ना ही व्यवहारिता में फिट है।

                              रायपुर स्थित रिजर्व बैंक शाखा कार्यालय का घेराव करने आज संभाग स्तरीय कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। बैठक को वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, पी.आर.खूंटे और राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नोटबंंदी के समन्वयक अनिल कुमरा शर्मा ने संबोधित किया। बैठक के बाद सभी नेता पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान पूर्व सांंसद करूणा शुक्ला भी मौजूद थीं।

            पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि रिजर्व बैंक स्वायत्त संस्था है। लेकिन उसने प्रधानमंत्री के डिक्टेशन पर काम किया है। रिजर्व बैंक का राजनीतिक उपयोग केन्द्र सरकार ने किया है। शर्मा ने कहा कि 24 जनवरी को प्रदेश स्तरीय जनवेदना रैली रायपुर में निकाली जाएगी। रैली में प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के अलावा आम जनता भी शामिल होगी।शर्मा ने बताया कि नोटबंदी के दौरान तकलीफों को देखने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि यदि पचास दिनों के भीतर बैंक की लाइन खत्म नहीं होती है तो जनता चौराहे पर मुझे खड़ा कर जो सजा देगी मुझे स्वीकार है। लेकिन दो महीन के बाद भी ना तो बैंक के सामने की लाइन खत्म हुई और ना ही जनता की परेशानी। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने निश्चय किया है कि जनपंचायत रैली कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक पंचायतोंं में प्रधानमंत्री को उची कुर्सी पर बैठाने के बाद गांव की जनता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पांच सवालो का उत्तर मांगेगी।

                               शर्मा ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी और खादी एक दूसरे के पर्याय हैं। गांधी ने खादी के सूत केवल काता ही नहीं बल्कि उसी सूत से कपड़ा तैयार कर पहनते थे। लेकिन प्रधानमंत्री ने कभी भी खादी का कपड़ा नहीं पहना। लाखों रूपए के सूट पहनते हैं। मजेदार बात है कि वह इंसान अपने आप को गांधी का विकल्प बताने की कोशिश कर रहा है।IMG20170116142844

                    यदि कोई संस्था ब्रांड अम्बेसडर बनने से बच जाती है तो इसमें हर्ज की क्या बात है…। सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा कि भाजपा के लाखों कार्यकर्ता एक विशेष कट का कुर्ता बनवाने के लिए खादी खरीद रहे हैं। इसलिए खादी ग्रामोद्योग में खादी की बिक्री बढ़ी है। आम जनता तक अभी भी खादी नहीं पहुंची है। उन्होने कहा कि कोई भाजपा कार्यकर्ता मोटा खादी नहीं खरीद रहा है। यह सब दिखावे का खेल है।

                  झारखण्ड के मुख्यमंत्री के बयान पर शर्मा ने कहा कि गांधी को कांग्रेस ने कभी नहीं बेचा। बल्कि बेचने का काम भारतीय जनता पार्टी के नेता कर रहे हैं। बताना चाहता हूं कि गाधी जी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। कांग्रेस के बड़े नेता होने के साथ ही उन्होने देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्योंछावर किया है। उन्होने कहा कि हमने गांधी जी को हमने उधार में हासिल नहीं किया है। वे हमारे थे..हैं और रहेंगे…। हमने उनके सिध्दान्तों को जन-जन तक पहुंंचाया है। अब वही किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि फासीवादी ताकतों ने ही गांधी जी की हत्या की। अब वही ताकते उनके नाम को हटाने की साजिश कर रहे हैं।लेकिन यह कभी भी संभव नहीं है। क्योंकि दुनिया मानती है कि गांधी जी जैसा विश्व में कोई मानवतावादी नहीं है।

                          शर्मा ने कहा कि साल 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। भाजपा डरी हुई है। क्योंकि अभी कार्यकारिणी में भाजपा नेताओं न कहा है कि कांग्रेस पार्टी की चालिस सीटों को छीनेंगे। इससे जाहिर होता है कि प्रदेश भाजपा कांग्रेस की ताकत से डरी हुई है। उन्होने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश सरकार के घोटालों और अत्याचारों से तंंग आ चुकी है। छत्तीसगढ़ की जनता में भयंकर आक्रोश है। इसलिए दावे के साथ कह सकता हूं कि इस बार चुनाव में भाजपा को केवल 15 से 20 सीट ही मिलेगी। काग्रेस सिमटनी वाली है।

                                   नोटंबदी के खिलाफ कांग्रेस के किसी भी आंदोलन में जनता ने समर्थन नहींं किया। व्यापारी और आम जनता आंदोलन से दूर दिखाई दी। उन्होने कहा कि जनता सरकार से डरी हुई है। व्यापारी दहशत में है। हम राजनेता हैं..जनता की मनोदशा की जानकारी है। लेकिन दावे के साथ कह सकता हू कि आंदोलन से दूर रहने वाले भाजपा को नहीं बल्कि कांग्रेस को ही देगी।

           एक सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा कि अवसरवादी ही लोग कांग्रेस छोडकर जनता कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहे हैं। जोगी की पार्टी को भाजपा सरकार के अंसतोष का चुनाव में फायदा नहीं मिलने वाला है। जनता जानती है कि हेलिकाफ्टर का पैसा कौन दे रहा है। इसलिए जनता देश की सबसे बड़ी पार्टी को ही चुनाव में जीताएगी।

 

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