कैबिनेट फैसला:भास्कर कुमार चौबे मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष नियुक्त


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,मंत्रि-परिषद , बैठक,संविदा,नियुक्त शासकीय सेवकों ,नियमित पदों,नियुक्तिभोपाल।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2018 को अनुमोदन प्रदान करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर भास्कर कुमार चौबे की नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग को कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की।इसके अलावा केबिनेट के लिए गए फैसलो मे  मंत्रि-परिषद ने भू-राजस्व संहिता में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।  संशोधन में नामांतरण, जीवनकाल में भूमि के बंटवारे, सीमांकन में निजी अधिकृत ऐजेंसियों की मदद लेने, डायवर्सन, सीमांकन, बन्दोबस्त,बटाई व्यवस्था आदि के संबंध में प्रावधान है । केबिनेट ने 2017-18 से 2019-20 तक योजना के क्रियान्वयन के लिये 1280 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति भी दी।मंत्रि-परिषद ने शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शिक्षण प्रशिक्षण संस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए संचालित ‘शिक्षक शिक्षा योजना’ के अंर्न्तगत शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों द्वारा  अकादमिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 55 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान एवं इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन ऐजुकेशन के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिये 38 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

केबिनेट ने मदरसा आधुनिकीकरण के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 3 वर्षीय कार्य योजना के लिये 99 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी।साथ ही प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाने के लिये सूरजधारा योजना का वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिये 159 करोड़ 67 लाख रूपये की राशि का अनुमोदन किया। इसी के साथ, नवीन खाद एवं बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला के निरंतर संचालन के लिये 38 करोड़ रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया।

केबिनेट ने भोपाल, इन्दौर,ग्वालियर, जबलपुर और रीवा चिकित्सा महाविद्यालयों में बर्न यूनिट की स्थापना के लिये 30 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की।गैस प्रभावित क्षेत्रों में वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निर्माण कार्य के संचालन और उनकी निरंतरता के लिये 5 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। स्वास्थ्य सेवायें गैस राहत को वर्ष 2018-19 से 2019-20 की अवधि के लिये अम्ब्रेला योजना के निरंतर संचालन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रि-परिषद ने सागर जिले की बंडा सिंचाई परियोजना के कुल सैच्य क्षेत्र 80 हजार हेक्टर के लिए 2610 करोड़ 54 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निवेश निकासी की अनुमति प्रदान की।

दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउददेशीय परियोजना के कुल सैच्य क्षेत्र 78 हजार 484 हेक्टर के लिए रूपये 2  हजार 244 करोड़ 97 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति और निवेश निकासी की अनुमति प्रदान की गई।राजीव गांधी प्रौदयोगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के घटक शहडोल इंजीनियरिंग महाविद्यालय के लिये 41 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह राशि विश्वविद्यालय स्वयं की निधि से उपलब्ध करायेगा। केबिनेट ने  नवीन मत्स्यालय भवन के निर्माण के लिये 30 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह भवन भोपाल के भदभदा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र पर विभाग को उपलब्ध 3.90 एकड़ भूमि में निर्मित होगा।

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