कमिश्नर के दौरे से लापरवाह अधिकारियों की खुली पोल,कहा दस दिवस के भीतर करें निराकरण-इमिल लकड़ा

रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी)।सरगुजा संभाग के कमिश्नर इमिल लकड़ा बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रवास पर आए हुए थे उन्होंने बलरामपुर एवं रामानुजगंज के कई कार्यालयों का निरीक्षण किया। साथ ही कई फाइलों को खंगाला। निरीक्षण में उन्होंने एकीकृत परियोजना प्रशासक कार्यालय के अभिलखों के निरीक्षण में सहायक ग्रेड-02 विकास कुमार कश्यप द्वारा कैशबुक एवं जनपद पंचायत कार्यालय बलरामपुर के सहायक ग्रेड-03 विनोद द्विवेदी द्वारा सेवा पुस्तिका सहित अन्य अभिलेख के संधारण में अनियमितता पाये जाने पर तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये।

कमिश्नर ने खाद्य निरीक्षक से नवीनीकृत राशन कार्ड के वितरण तथा सामान्य परिवार का राशन कार्ड बनाने की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण दौरान संभाग के उपायुक्त महावीर राम,अनुविभगाीय अधिकारी राजस्व रामानुजगंज अजय किशोर लकड़ा, तहसीलदार रामानुजगंज भरत कौशिक, बलरामपुर शबाब खान,जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेन्द्र सिंह मरकाम,बलरामपुर प्रमोद सिंह उपस्थित थे।

पेंडिंग प्रकरणों पर हुए नाराज

कमिश्नर इमिल लकड़ा ने रामानुजगंज के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फाइलों को जब खंगालना प्रारंभ किया तो भूमि संबंधी मामले में डायवर्सन,अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण,राजस्व अपील,भू अर्जन,धारा 145 द.प्र.स.170 छ.ग.भू.रा.स.के कई मामले का प्रकरण विगत तीन सालो से पेंडिंग प्रकरणों का निराकरण अभी तक नहीं हो सका है।

इस लेटलतीफी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम अजय किशोर लकड़ा को एक माह के भीतर निराकरण करने कहा गया।

तत्काल करें जिलाबदर की कारवाई

अपराधियों के फाइल खंगालते हुए थाना रामानुजगंज के द्वारा धारा 110 के तहत आदतन आरोपितों के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई करने के निर्देश दिये। कमिश्नर इमिल लकड़ा ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) में कई ऐसे प्रकरण दर्ज है जो आठ वर्ष से संचालित है और वह धूल खा रहे है जिसका अभी तक निराकरण नहीं किया गया है। ऐसे मामलों को तत्काल निराकृत करें।

सभी आवासो में टॉयलेट होना जरूरी
कमिश्नर इमिल लकड़ा ने जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत 82 ग्राम पंचायतों में 6485 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकान के संबंध में भी विस्तृत रूप से जानकारी ली। सीईओ महेंद्र सिंह मरकाम को निर्देशित किया कि जितने भी आवास बन रहे हैं सभी में टॉयलेट होना अति आवश्यक है। जब जनपद पंचायत कार्यालय में उपस्थिति पंजी का निरीक्षण किया गया तो कई कर्मचारी नदारद मिले और महीनों तक उनका हस्ताक्षर अंकित नहीं था।

इसको लेकर बीपीएफ कर्मचारी विनोद यादव,सत्यम यादव,प्रकाश यादव,शिल्पा सिंह सहित अन्य कर्मचारियों को अपने समक्ष पूरे माह का अनुपस्थिति लगवाया गया। उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय रामचन्द्रपुर में मनरेगा के तहत् मजदूरी तथा सामग्री भुगतान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने समय पर मनरेगा के मजदूरी का भुगतान करने को कहा। कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी के निरीक्षण में मनरेगा के 06 वेयर फुट टेक्नीशियन के अनुपस्थित पाये जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को उनके वेतन रोकने के निर्देश दिये।

इस खामियों को देखते हुए कमिश्नर ने जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के सीईओ महेंद्र सिंह मरकाम को अपने कर्मचारियों और ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों पर नियंत्रण रखने निर्देशित किया गया।

रेबनियू भूमि पर फर्जी पट्टा धारियों की भरमार

फाइलों को देखते हुए वहां पर उपस्थित लोगों को कहा गया कि रामानुजगंज में फर्जी पट्टे धारियों की अंबार है। यहां पर कब किस पंजी में किसका नाम अंकित हो जाएगा यह बताने वाला कोई नहीं है। कमिश्नर इमिल लकड़ा ने साफ तौर पर कहा कि अंबिकापुर रोड सहित रिंग रोड में देखा जाए तो हजारों ऐसे पटाधारी मिलेंगे जिनके पट्टा फर्जी है और उनके नाम से बी-वन में नाम चढ़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में आप लोग ध्यान दें कि यदि पंजी में नाम चढ़ा है तो वह कैसे चढ़ा। उसको कब पट्टा मिला हुआ था और कैसे मिला। उसका प्रकरण का विस्तृत रूप से जांच करें।

चार्ज लेते ही लिपिक हुआ निलंबित

बिना सत्यापन किए पेंशनधारियों को एरियस का भुगतान करने एवं अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी विकास कुमार कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बिना सत्यापन किए पेंशनधारियों को एरियस का भुगतान किया गया था जबकि सबसे पहले डायरेक्टर से सत्यापन कराने के बाद ही भुगतान होना चाहिए था।

वही जनवरी 2018 से कैशबुक तक नहीं लिखा गया। और पहाड़ी कोरवा मद मे 55 लाख 49 हजार रुपये है जिसका 31 जनवरी 2018 के बाद इसमें भी कैशबुक नहीं लिखा गया । कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि परियोजना विभाग में सन 2017-18 में दो करोड़ 70 लाख 86 हजार आया हुआ था जिसके तहत अभी तक इन तीन वर्षों के भीतर 57 कार्य आज भी अपूर्ण हैं।

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