जाति प्रमाण पत्र निरस्त पर रोक..कोर्ट ने प्रशासन को किया तलब..अब 4 सप्ताह बाद होगी सुनवाई

बिलासपुर—-जातीं प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता अनिल प्रजापति की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकलपीठ को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रोहित शर्मा और अभिषेक सिंह ने तर्क पेश किया। याचिकाकर्ता को सुनने के बाद कोर्ट ने जाति प्रमाण निरस्त किए जाने के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दिया है।
 
               अधिवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता अनिल प्रजापति ने जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर किया। मामले में सुनवाई न्यायामूर्ति गौतम भादुड़ी की एकल खण्डपीठ मे हुई। 
 
                           सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता ओबीसी वर्ग से आता है। जिला स्तरीय छानबीन समिति ने प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए अनिल प्रजापति की जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। जबकि बिना  हाई पावर कमेटी को भेजे  जिला स्तरीय कमेटी की तरफ से जाती प्रमाण पत्र निरस्त किया जाना अनुचित है।
 
              दोनो अधिवक्ताओं ने बताया कि याचिकाकर्ता को पिता राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। बावजूद इसके बिना उचित सुनवाई के केवल नोटिस के आधार पर प्रमाण पत्र को निरस्त किया जाना अवैधानिक है।
 
              अधिवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश गौतम भादुड़ी की खंडपीठ ने  उत्तरवादि को जवाब पेश करने निर्देशित किया है। साथ ही जाति प्रमाण पत्र के निरस्ती और कार्यवाई पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दिया है।  मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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