इंडी गठबंधन को तगड़ा झटका

Shri Mi

नई दिल्ली। ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ नीतीश कुमार के पाला बदलते ही जहां गठबंधन को झटका लगा, वहीं ममता बनर्जी के सख्त रवैये और कांग्रेस को लेकर नाराजगी ने बता दिया था कि इस गठबंधन का अब कुछ नहीं हो सकता। गठबंधन के खत्म होने को लेकर रही सही कसर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में बयान देकर पूरी कर दी।

अरविंद केजरीवाल की पार्टी पहले ही ऐलान कर चुकी थी कि पंजाब में लोकसभा की सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी। अरविंद केजरीवाल ने भी इसको लेकर साफ कर दिया था कि पंजाब की सभी लोकसभा सीट और चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर उनकी पार्टी अकेले दमखम दिखाएगी।

वहीं अब केजरीवाल ने कह दिया कि राजधानी दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। ऐसे में कयास लगाए जाने लगे कि कांग्रेस के साथ इंडी गठबंधन में बने रहने का अब केजरीवाल का मूड नहीं है।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता दिल्ली की सात लोकसभा सीट आम आदमी पार्टी को देने के मूड में है। ऐसे में लगने लगा है कि ममता बनर्जी की तरह ही अरवविंद केजरीवाल भी अब इंडी गठबंधन में रहने के मूड में नहीं हैं।

पंजाब के खन्ना में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कह दिया कि दिल्ली की जनता 7 की सात लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। अब पंजाब की 13 सीटों पर भी आपको भगवंत मान के हाथ को मजबूत करना है।

केजरीवाल के इन ऐलानों के बाद साफ हो गया है इंडी गठबंधन को जोर का झटका धीरे से देने के मूड में वो हैं। हालांकि इंडी गठबंधन में बचे किसी भी दल ने अभी तक अलग चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन, जिस तरह की दावेदारी इस गठबंधन के दल कर रहे हैं और दूसरी तरफ सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है, उससे तो पता चल रहा है कि अब यह सब कुछ लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है।

हालांकि गठबंधन के सभी दल सीट शेयरिंग को लेकर इस बात पर कहते रहे हैं कि इसको लेकर चर्चा सकारात्मक मोड़ पर है।

केजरीवाल ने शनिवार को अपनी पार्टी के लिए पंजाब की जनता से आशीर्वाद मांगा कि यहां की 13 लोकसभा सीटों और एक चंडीगढ़ सीट पर उनके उम्मीदवारों को जनता समर्थन दे। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि इन सभी 14 सीटों के लिए आप उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। वहीं अब आप संयोजक केजरीवाल ने दिल्ली की सीटों पर दावा ठोंककर इंडी गठबंधन के तमाम दल और खासकर कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ा दी है।

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