तो रेत खदान संचालकों पर होगी कार्यवाही

बिलासपुर। जिला कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग के उपसंचालक द्वारा खदान संचालकों की मीटिंग ली गई। बैठक में रेत खदान संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे रेत खदान में नियमानुसार रॉयल्टी राशि जमा करें और रेत खनिज परिवहन के लिए पर्ची कटवाएं। खनिज विभाग के उपसंचालक ने निर्देशित किया कि खदान संचालक स्वीकृत रेत खदानों में शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही लोडिंग और रायल्टी राशि लेना सुनिश्चित करें। निर्धारित दर से अधिक लोडिंग, वसूली तथा पर्ची जारी नहीं करने के स्थिति में खदान संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

खनिज विभाग के उप संचालक ने कहा कि खदान संचालक जिम्मेदारी पूर्वक खदानों के सीमा चिन्हों का संधारण करते हुए उसका आवश्यक रख-रखाव करें। प्रायः यह देखने में आता है कि खदान संचालक पर्यावरण के मानकों के अनुसार खनिजों का उठाव नहीं करते जिससे विभाग को रायल्टी राशि कम प्राप्त होती है। इसलिए जरूरी है कि खदान संचालक पर्यावरण स्वीकृति के आधार पर ही रेत का उठाव करते हुए रॉयल्टी राशि जमा करें ताकि शासन को राजस्व का नुकसान न हो।

’खदानों के अवधि विस्तार के लिए 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करें जरूरी दस्तावेज’ –
गौरतलब है कि जिले में 11 रेत खदानों के अवधि विस्तार के लिए आवेदन आये थे। इनमें से 04 रेत खदानों कौंनचरा, छतौना, लच्छनपुर तथा सरकंडा के रेत खदान संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने के कारण अवधि विस्तार नहीं किया गया है। इन संचालकों को 15 दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया है ताकि अवधि विस्तार की कार्यवाही पूर्ण की जा सके। निर्धारित अवधि के भीतर दस्तावेज नहीं जमा करने पर अवधि विस्तार के प्रकरणों पर विचार नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश के अनुसार रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की स्थिति में यदि  संबंधित क्षेत्र के खदान संचालक द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है तो यह माना जायेगा कि अवैध उत्खनन और परिवहन में वह भी भागीदार है। जाँच के बाद किसी भी प्रकार के अनियमितता का आरोप सिद्ध होने पर खदान को निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी तथा खदान का आवंटन ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा।

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