महासमुंद मे आबकारी कर्मी के साथ मारपीट,कर्मचारी संघ ने की निंदा,MLA भी शामिल थे लेकिन राजनीतिक दबाव मे काम कर रही पुलिस

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य में लगातार जन प्रतिनिधों द्वारा लगातार शासकीय सेवकों से दुर्व्यवहार मारपीट की धटना धटित हो रही है। इससे एकतरफ शासकीय सेवकों में जन प्रतिनिधियों के खिलाफ व्यापक आक्रेाष है, तो दूसरी तरफ ऐसी धटनाओं सेकभी भी प्रदेश में उत्तेजित शासकीय सेवकों से भी अप्रिय धटना धटित हो सकती है। जनप्रतिनिधियों के कृत्यों से लोकतंत्र शर्मशार हो रही है। कल महासमुंद आबकारी विभाग में लिपिक के साथ धटित मारपीट की धटना व उसके बाद रायपुर में गंभीरावस्था में इलाज करा रहे लिपिक के प्रकरण में आज मंत्रालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के 31 प्रांताध्यक्षों ने मनोज कुमार पिंगुवा कमेटी की बैठक में 14 सूत्रीय मांग पत्र रखने एकत्र हुए थे। बैठक में एक मतेन ऐसी धटनाओं का सभी प्रांताध्यक्ष व फेडरेशन ने निंदा की है।छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारीसंध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खॉन ने आज गौरवपथ स्थित कर्मचारी भवन में भोजनावकाश में आपातकालिन बैठक आहूत कर इस धटना की कड़ी निंदा की है।

प्रदेश में लगातार धटित धटनाओं के प्रति संध के पदाधिकारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संध ने इसके पूर्व दो बार विधायक श्री वृहस्पति सिंह द्वारा डिप्टी कलेक्टर व तहसीलदार से गालीगलौच मां बहन की गाली देने व धमकी देने की धटना धटित हुई थीं। सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया इसलिए एक पुलिस अधीक्षक द्वारा अपने वाहन चालक से मारपीट की गई। संध के विरोध के बाद पुलिस अधीक्षक को कोई दण्ड देने के बदले केवल स्थानांतरित कर दिया गया। सिम्स हास्पिटल बिलासपुर में जनप्रतिनिधि द्वारा मशीन आपरेटर के साथ मारपीट की गई। इससे लगातार हौसले बुलंद होते जा रहे है। उसका परिणाम है कि कल महासमुंद जिले के जिलाधीश कार्यालय स्थित आबकारी विभाग में श्री लीलाधर साहू लिपिक के साथ आबकारी ठेकेदार व असामाजिक तत्वों ने मारपीट कर गंभीर रूप धायल कर दिया।

जिसमें स्वयं विधायक व उनके कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में विधायक द्वारा अपने कार्य से कलेक्टारेरेट जाने व बीच बचाव करने का तथ्य प्रकाशित करा रहे है। प्रदेश में इस प्रकार निर्वाचित जन प्रतिनिधियों द्वारा न केवल शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों से मारपीट की जारही है। अपितु अपने ही पार्टी के कार्यकर्ता व प्रतिनिधी से जशपुर में मारपीट कर दी गई है, जिसकी स्वीकारोक्ति स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा किया जाकर धटना की निंदा की गई है। इन परिस्थितियों में देर रात तक गंभीर रूप से धायल लिपिक का एफ आई आर दर्ज करने में रात्रि 8 बजा दिया गया। यदि यही धटना किसी पुलिस कर्मचारी के साथ होता तो तुरंत एफ आई आर दर्ज हो जाता। स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन आज भी राजनैतिक दबाव काम कर रही है।

आम जनता को निष्पक्षता व जन सेवा का केवल पाठ पढ़ा रही है। इन परिस्थितियों में बेकाबू जन प्रतिनिधियों के साथ कभी भी शासकीय सेवक यदि आक्रोष व अपने मान सम्मान की लड़ाई में दुर्व्यवहार कर देगा तो यही पुलिस प्रशासन व छत्तीसगढ़ सरकार न केवल उसे निलंबित कर देगी अपितु तुरंत गैर जमानतीय धारा लगाकर जेल भी भेज देगी। भारतीय के संविधान में कानून के समक्ष समानता का अधिकार छत्तीसगढ़ में शर्मशार हो रही है। संध के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संध के प्रांतीय अध्यक्ष एम.पी.आंड़े, संस्कृति विभाग के प्रांतीय संयोजक संजय झड़बड़़े, सुरेन्द्र त्रिपाठी, विमल चंद्र कुण्डू, आलोक जाधव, महासमुंद जिला शाखा अध्यक्ष ओमनारायण शर्मा, स्वास्थ संयोजक संध के प्रांतीय अध्यक्ष टार्जन गुप्ता, संभागीय सचिव प्रवीण ढीढवंशी, संतलाल साहू, संतोष खाण्डेकर, प्रदीप वर्मा, आदि नेताओं ने तत्काल जन प्रतिनिधियों पर नियंत्रण करने व गिरफतार आरोपियों को जमानत न देने की मांग मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल से की है।

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