कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर तेज हुई तैयारी

राजनांदगांव-कोरोना की प्रथम एवं दूसरी लहर के दौरान राजनांदगांव जिला प्रदेश के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित जिलों में से एक रहा था। कोरोना की दूसरे लहर के दौरान जिले में बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से जिले में कोरोना उपचार करने वाले सभी शासकीय अस्पतालों और प्राइवेट अस्पतालों तथा क्वारेनटाइन सेंटर में बेड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। जिले में गंभीर मरीजों की संख्या बढऩे से ऑक्सीजन सिलेण्डर की मांग भी बढ़ गयी थी और जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन को बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेण्डर किराये पर भी लेनी पड़ी थी। इसी बात को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिले के कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा जिले में कोविड -19 की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर व्यापक स्तर पर कोविड प्रबंधन हेतु सभी स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। जिसकी मॉनिटरिंग कलेक्टर स्वयं नियमित रूप से कर रहे हैं।

जिले में कोविड -19 की संभावित तीसरी लहर की तैयारी के सम्बन्ध में जिले के कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा है कि जिले में कोरोना के संक्रमण से बचाव और उपचार के समुचित प्रबंधन हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग है। इस सम्बन्ध में जिले के शासकीय अस्पतालों में तेजी से ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना, ऑक्सीजन पाईपलाईन लगाने, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता करने, चिकित्सकीय अमले के प्रशिक्षण कार्य, कोविड वैक्सिनेशन और सैंपल जांच के सम्बन्ध में पूरी तरह से जिम्मेदारीपूर्वक कार्य किया जा रहा है। जिले के लोगों के कोविड वैक्सिनेशन के लिए तो विशेष रूप से सुरक्षित टीका सुरक्षित परिवार अभियान चलाकर सप्ताह में टीकावार दिवस निर्धारित कर एवं अन्य कार्यक्रम चलाकर वैक्सिनेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है और आगामी एक-दो माह में जिले में कोविड -19 के संभावित तृतीय लहर को ध्यान में रखकर लगभग सभी महत्वपूर्ण तैयारी पूर्ण कर ली जाएगी.

कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन द्वारा जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला अस्पताल, जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा चिन्हांकित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कोरोना मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक तैयारी किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिले के शासकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की उपलब्धता को देखते हुए अब तक शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री में 520 बेड, जिला अस्पताल बसंतपुर के 100 बिस्तर, मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन में 100 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर में 20 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहला में 30 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंबागढ़ चौकी में 30 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव में 40 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया में 30 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोमनी में 50 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गंडई में 30 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान में 30 बिस्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खैरागढ़ में 30 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन पाईप लाईन लगाने का कार्य पूर्ण हो गया है।

इसके साथ ही मार्डन कॉलेज कोविड केयर सेंटर सोमनी में 60 बिस्तर पर ऑक्सीजन पाईप लाईन लगाया गया है तथा शीघ्र ही इसी सप्ताह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुमका में भी 20 बिस्तर ऑक्सीजन पाईप लाईन लगा लिया जाएगा। इस प्रकार माह सितम्बर के प्रथम सप्ताह तक जिले के शासकीय अस्पतालों में कुल 970 बिस्तरों के लिए पाईप लाईन के माध्यम से ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली गयी है जो अब कोविड-19 की द्वितीय लहर के दौरान उपलब्ध ऑक्सीजन पाईप लाईन सुविधा से तीन गुना से भी ज्यादा है।जिले के शासकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी को पूरी करने के लिए जिले चिन्हांकित अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की भी स्थापना की जा रही है। इस हेतु शासकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड -19 द्वितीय लहर के दौरान स्थापित 800 एल पीएम के ऑक्सीजन प्लांट के अतिरिक्त 1000-1000 एल पीएम के दो ऑक्सीजन प्लांट तथा 1200 सिलेंडर प्रतिदिन की क्षमता से ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला एक विशेष लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है।

इसके लिए ऑक्सीजन शेड का निर्माण और जनरेटर सेट की उपलब्धता कर ली गयी है और ऑक्सीजन प्लांट मशीन भी शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री पहुँच चुका है। इसके साथ ही जिला अस्पताल बसंतपुर में 1000 एल पीएम तथा 800 एल पीएम के दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। जिसके लिए ऑक्सीजन शेड बनाने का कार्य इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर, डोंगरगांव एवं सोमनी में भी 250-250 एल पीएम के एक-एक ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जानी है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में ऑक्सीजन शेड और जेनरेटर सेट की स्थापना कर ली गयी है एवं इसी सप्ताह ऑक्सीजन प्लांट मशीन भी डोंगरगांव अस्पताल पहुँचने की संभावना है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ऑक्सीजन शेड निर्माण का कार्य प्रारंभ कर लिया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर एवं सोमनी में ऑक्सीजन प्लांट मशीन भी पहुँच चुका है। इस जिले में सभी प्रकार मरीजों के उपचार हेतु माह अक्टूबर तक आवश्यक ऑक्सीजन की उपलब्धता हेतु जिले के प्रमुख शासकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन के पर्याप्त उत्पादन हेतु तैयारी पूर्ण कर ली जाएगी।जिले में अति गंभीर मरीजों के उपचार हेतु शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री में 59 वेंटीलेटर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर में तीन वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त जिले के प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 8 ई-पेप मिनी वेंटिलेटर मशीन भी उपलब्ध कराये गए हैं। जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज में 200 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर, 40 स्माल ऑक्सीजन सिलेंडर एवं जिला अस्पताल बसंतपुर में 52 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर व 6 स्माल ऑक्सीजन सिलेंडर तथा जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 375 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर व 400 से ज्यादा स्माल ऑक्सीजन सिलेंडर तथा 397 ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर उपलब्ध है। इसके साथ ही कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशानुसार जिले में ऑक्सीजन सिलेण्डर एवं ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर की संख्या बढाने के लिए भी तैयारी की जा रही है।

जिले में कोविड- 19 के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में बिस्तरों की संख्या की उपलब्धता को ध्यान में रखकर जिले के अस्पतालों में निर्माणाधीन कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जा रहा है। इसके साथ ही शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री में बच्चो के लिए अतिरिक्त 10 बिस्तर पीडियाट्रिक आईसीयू, 5 बिस्तर नवजात शिशु आईसीयू तथा 100 बिस्तर आइसोलेसन वार्ड की स्थापना का भी कार्य प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से शासकीय मेडिकल कॉलेज पेंड्री में ही 100 बिस्तर प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड तथा जिले के 6 चिन्हांकित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 20-20 बिस्तर एवं 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 35 चिन्हांकित उप स्वास्थ्य केन्द्रों में 6-6 बिस्तर का प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड भी आगामी तीन माह में बनाने तैयार किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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