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कांग्रेस ने फिर जारी किया झूठ का पुलिंदा..बिल्हा विधायक ने पूछा..किसने दबाया मीडिया का गला…अब जनता को दिखा रहे सब्जबाग

बिलासपुर—कांग्रेस का घोषणा पत्र,धोखा, तुष्टिकरण, ,अपराधियों को संरक्षण देने वाला पत्र से ज्यादा कुछ नहीं है। कांग्रेस साजिश के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के लिए वर्गों के अधिकार को छीन लेना चाहती है। यह बाते बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने पत्रकारो से चर्चा के दौरान कही। धरम लाल ने बताया कि नेता सरकारी ठेकों में अल्पसंख्यकों को धर्म के आधार पर शेयर देने के एलान से कांग्रेस का आदिवासी,ओबीसी विरोधी चेहरा उजागर हुआ है।

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बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र सरकारी ठेकों में अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता देने की बात से जाहिर हो गया है कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी अनुसूचित जाति ओबीसी समेत सामान्य वर्ग के अधिकारों को छीन लेना चाहती है। विरासत टैक्स का राग अलापने के बाद साफ जाहिर हो गया है कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी, एससी, ओबीसी विरोधी है।  धार्मिक आधार पर तुष्टिकरण की नीति को आगे बड़ा रही है

कौशिक ने अपने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण के एालन से देशवासियों में भारी आक्रोश है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में कहा गया है कि को ‘सार्वजनिक कार्य अनुबंध’ में उचित हिस्सा दिया जाएगा। सवाल उठता है क्या सार्वजनिक अनुबंध हासिल करने के लिए हिंदुओं को अल्पसंख्यकों के अधीन बनना होगा। धरमर लाल ने बताया कि दरअसल ऐसा कर कांग्रेस ‘टेंडर घोटाला’ की नींव नहीं रख रही है।

बिल्हा विधायक ने कहा कि कांग्रेस न केवल एससी/एसटी/ओबीसी की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है। सोना और उनके मंगलसूत्र समेत हिंदू महिलाओं की छोटी बचत को भी हड़पना चाहती है। धरमलाल ने बताया कि मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े हर तबके के किए कार्य किए हैं। लेकिन कांग्रेस का घोषणा पत्र केवल अल्पसंख्यकों की बात कर रहा है। इस बात को लेकर देशवासियों में भारी नाराजगी है। कांग्रेस के नेता आज चाहे जितने खोखले दावे कर लें कि हमारा मकसद वह नहीं है। सच्चाई तो यह है कि देश और छत्तीसगढ़ की जनता बहुत अच्छी तरह से समझ रही है कि मनमोहन सिंह ने जो कहा आज वह सच साबित हो रहा है।

धरमलाल कौशिक ने बताया कि मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। आज वही बात पित्रोदा ने नए रूप में कहा है। छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस की बदनीयती को अच्छी तरह भाँप रही है। कांग्रेस को स्पष्ट करना होगा कि देश के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार देश के गरीबों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग का है या सिर्फ अल्पसंख्य के नाम पर सिर्फ मुसलमानों का है। निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने बताया कि कांग्रेस की सोच विभाजनकारी है।

इस मौके पर पत्रकारों को भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने राहुल गांधी के संविधान पर दिए गए बयान पर कहा कि  1975 का आंतरिक आपातकाल क्या था। तत्कालीन समय संविधान को किसने खत्म करने का काम किया। धारा 356 का उपयोग कर जनता के अधिकारों को किसने छीनने प्रयास किया। मीडिया का गला किसने घोंटा। यदि राहुल गांधी के पास उत्तर हो तो जनता को बताएं। क्योंकि हम ना तो संविधान करने जा रहे हैं और ना ही आरक्षण को खत्म होने देंगे। बाबा का संविधान यदि बाबा भी बदलना चाहें तो बदलने  नहीं दिया जाएगा।

संजय ने बताया कि राहुल गांधी बयान दे रहे हैं कि आर्थिक सामाजिक जातिगत जनगणना करेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व यह बताए कि जाति जनगणना पर रोक लगाने का काम पं. नेहरू के समय से कांग्रेस की सरकारों ने ही किया है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में भी जातिगत जनगणना नहीं हुई। आज राहुल गांधी अगर जाति जनगणना की बात कर रहे हैं तो कांग्रेस के द्वारा जाति जनगणना पर जो रोक लगाई गई थी, क्या वह गलत थी?

संजय ने जानकारीदिया कि कांग्रेस कोई भी योजना लाती है उसके पीछे किस प्रकार का षड्यंत्र रहता है। कांग्रेस ने 2018 में झूठे वादों वाला घोषणा पत्र जारी किया। महिलाओं को 500 रूपए महीना देने का वादा किया था।  5 साल के कार्यकाल में वादा पूरा नहीं किया गया। एक बार फिर महिलाओं को 8500 रूपया महीना और साल का एक लाख रुपए देने वाला घोषणा पत्र के नाम पर झूठ का पुलिंदा प्रकाशित किया है। जबकि देशवासियों को पता है कि भारत का इतना बजट नही है कि इतनी राशि महिलाओं को दिया जाना संभव है। कांग्रेसी अब कहने लगे है कि जरूरत मंद गरीबों को ही एक लाख रूपया दिया जाएगा। इसमें भी कई शर्तों को थोपा जा रहा है। मतलब साफ है कि कांग्रेस जनता को बरगला कर वोट हासिल करना चाहती है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, निगम नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी,भाजपा जिला मिडिया प्रभारी प्रणव समदरिया विशेष रूप से मौजूद थे।

                   

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