यहाँ फिर कोरोना संकट बढ़ा, जुलाई के पहले 10 दिन के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले

मुंबई।कोरोना की दूसरी लहर के छह महीने पूरे होने के बाद भी महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के मरीज इतनी बड़ी संख्या में अब भी क्यों सामने आ रहे हैं, इसका ठीक-ठीक जवाब नहीं मिल पा रहा है. इस बारे में अलग-अलग धारणाएं हैं, अलग-अलग अनुमान. लेकिन यकीनी तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा रहा है. इस बीच दोनों राज्यों के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने यही कहा है कि वे सही-सही जानकारियां दे रहे हैं, आंकड़े छुपाए नहीं जा रहे हैं, इसलिए यह संख्या अधिक दिखाई दे रही है.एक ओर कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave of Corona)का डर कायम है तो दूसरी ओर कोरोना की दूसरी लहर ने ही  एक बार फिर सर उठा लिया है. एक बार फिर महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के नए केस बढ़ने शुरू हो गए हैं.

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में कोरोना की स्थिति चिंताजनक हो गई है. यहां हर रोज 3 हजार के करीब नए केस सामने आ रहे हैं. कोल्हापुर में सबसे ज्यादा तेजी से वैक्सीनेशन करवाया गया है. लेकिन नए केस भी यहां उतने ही तेजी से बढ़ रहे हैं. प्रतिदिन नए कोरोना केस के लिहाज से कोल्हापुर पहले नंबर पर है. आम तौर पर जिन लोगों को कोरोना हो रहा है उनमें से ज्यादातर लोगों ने अब तक वैक्सीन नहीं ली है.महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग वक्त में कोरोना संक्रमण बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. कोल्हापुर सहित महाराष्ट्र के ऐसे आठ जिले हैं जहां कोरोना संक्रमण खतरनाक तरीके से आगे बढ़ रहा है. महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के मामले कम नहीं होने की वजह से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी हैरान है. इन दोनों राज्यों में पिछले तीन हफ्तों से 8 हजार से 15 हजार के बीच नए कोरोना केस सामने आ रहे हैं. ऐसे में केंद्र की ओर इन दोनों राज्यों में स्थितियों को समझने और उसका हल ढूंढने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जा सकती है.

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