क्या कोरोना की तीसरी लहर दे चुका है देश में दस्तक, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Shri Mi
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दिल्ली-देश में अभी कोरोना के दूसरे लहर का खतरा टला नहीं है कि तीसरी लहर (Covid Third Wave) की आहट  सुनाई देने लगी है.  करीब सात से आठ सप्ताह तक कोरोना के मामले कम होने के बाद अचानक से दुनियाभर में कोरोना के मामले (Covid19 Case) में उछाल आना शुरू हो गया है. पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह दुनिया भर में कोरोना संक्रमण की दर में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिसे कोरोना के तीसरी लहर की आहट माना जा रहा है. बता दें कि इसके अलावे देश के कई राज्यों में भी कोरोना संक्रमण (Corona Infection) में बढोतरी दर्ज की गयी है. नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य वीके पॉल (Dr VK Paul) ने शुक्रवार को कोरोना के तीसरे लहर को लेकर चेताया। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल ही में जारी की गई कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की वैश्विक चेतावनी को लेकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी तीसरी लहर के संभावित प्रभाव की तरफ इशारा कर रही है. उन्होंने कहा, “डब्ल्यूएचओ के उत्तर और दक्षिण अमेरिकी क्षेत्रों को छोड़कर, अन्य सभी डब्ल्यूएचओ क्षेत्र अच्छे से बुरे और बुरे से बदतर की ओर बढ़ रहे हैं. दुनिया तीसरी लहर की ओर बढ़ रही है और यह एक सच्चाई है.”

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 73 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ज्यादा है. इसका मतलब है कि जांच करा रहे प्रति 100 लोगों में से 10 में संक्रमण की पुष्टि हो रही है. इनमें से 47 जिले उत्तर-पूर्व में हैं. बता दें कि देश के कई राज्यों में फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. देश के 7 फीसदी एक्टिव केस उत्तर-पूर्वी राज्यों में हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा जैसे बड़े राज्यों की तुलना में उत्तर-पूर्वी राज्यों में एक्टिव केसलोड काफी ज्यादा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 राज्यों- केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर बैठक की थी. देश में मिले कुल मामलों का 80 फीसदी और मौत का 84 फीसदी इन राज्यों में है. इनमें से आधे से ज्यादा एक्टिव और रोज मिल रहे मरीजों की संख्या केरल और महाराष्ट्र में है. साथ ही अन्य राज्यों की तुलना में इन 6 राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़त की दर काफी ज्यादा है.

इसके अलावे टीकाकरण में कमी भी तीसरे लहर को न्योता दे सकता है. अगले महीने की शुरुआत में देश में अभी भी 46 करोड़ वयस्क और 88 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्हें टीका नहीं लगा है. ऐसी स्थिति में अगर कोरोना के खिलाफ टीकाकरण ने रफ्तार नहीं पकड़ी, तो तीसरे लहर को रोकना मुश्किल हो जायेगा. आने वाले 100-125 दिन कोरोना को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है. डॉ वी के पॉल ने कहा कि अगले 100 दिन खतरे वाले है तब तक ख्याल रखें. इस महीने 12-13 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती है जिसके बाद स्थिति बेहतर हो सकती है.

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