मंत्री के बेटे की रेप केस में हो सकती है गिरफ्तारी,गंभीर मामलों में केस दर्ज

जयपुर।राजस्थान के जलदाय मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है तो दूसरी तरफ राजस्थान की कांग्रेस सरकार की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही है. कांग्रेस के तमाम आला नेता चार दिन बाद उदयपुर में राष्ट्रीय चिंतन के लिए जुट रहे हैं और इससे पहले प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार के लिए अपनी साख बचाने की ज़िम्मेदारी गले पढ़ गई है.गहलोत सरकार की इस अजीबोग़रीब दशा के दोषी हैं जलदाय मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी. रोहित खुद भी प्रदेश कांग्रेस के सदस्य हैं और अब वो एक रेप केस में फंस गए हैं. रोहित के खिलाफ एक महिला पत्रकार ने दिल्ली के सदर बाज़ार थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है.

पहले तो ये मामला ज़ीरो नंबरी एफआईआर के ज़रिए राजस्थान के सवाई माधोपुर भेजे जाने की तैयारी थी लेकिन सोमवार को एकाएक घटनाक्रम बदल गया. दिल्ली पुलिस ने पीड़िता के 164 के बयान करवाए फिर मामला भी वहीं दर्ज कर लिया गया.  दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार को पीड़ित युवती के मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज हो चुके हैं.

रोहित जोशी के खिलाफ रेप, अननेचुरल सेक्स, ब्लैकमेलिंग, मारपीट करने सहित गंभीर आरोपों में सात धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. सदर बाजार पुलिस थाने में 338 नंबर की एफआईआर में 376, 377, 366, 312, 506, 509 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है. इसकी वजह से रोहित जोशी की गिरफ़्तारी की संभावना भी तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि अब जल्द ही दिल्ली पुलिस की टीम रोहित की गिरफ़्तारी के लिए जयपुर रवाना हो सकती है.

अब गहलोत सरकार की मुश्किल ये हो गई है कि अगर रोहित की गिरफ़्तारी हुई तो मंत्री महेश जोशी पर मंत्री पद छोड़ने का दबाव भी बढ़ेगा. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम नेता पार्टी की राष्ट्रीय बैठक के लिए तेरह मई को उदयपुर पहुंच रहे हैं और उनके आने से पहले रोहित जोशी प्रकरण का पटाक्षेप करना गहलोत सरकार का सबसे अहम काम होगा.

क्या महेश जोशी की होगी पद से छुट्टी 
हालांकि रोहित जोशी की गिरफ़्तारी अब तय मानी जा रही है लेकिन उसी के साथ बड़ा सवाल ये भी है कि क्या उसके बाद महेश जोशी की मंत्री पद से छुट्टी होगी? इस बारे में कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अब केस दिल्ली पुलिस के पास जाने से ये मामला राजनीतिक ज़्यादा हो चुका है. दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन है और ऐसे में अब जो भी कार्यवाही होगी उसे राजनीति से प्रेरित माना जाएगा. वैसे महेश जोशी ने विधायक फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवा रखा है और बेटे की आड़ में उन पर कोई आरोप बीजेपी ने लगाया तो उसको राजनीति का रंग दिया जाएगा.

सूत्रों ने बताया कि अगर बात महेश जोशी के इस्तीफ़े को लेकर बात हुई तो राज्य के सीएम समेत तमाम कांग्रेसी नेता केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टैनी का हवाला ज़रूर देंगे. अजय मिश्रा के बेटे के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ मगर अजय मिश्रा की कुर्सी क़ायम रही. अब बीजेपी किस आधार पर महेश जोशी का इस्तीफ़ा मांग सकेगी. कुल मिलाकर अब रोहित जोशी प्रकरण से अगले कुछ दिनो तक राजस्थान में सियासी हलचल गर्मी के पारे की तरह रफ़्तार पकड़ने वाली है.

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