अब बीमा क्लेम की जंग..भटक रहे परिजन..lic अधिकारी ने मांगी इजाजत..बताया..8 हजार से अधिक लोगों में 45 करोड़ से अधिक होगा भुगतान

बिलासपुर—- भारतीय जीवन बीमा निगम अधिकारी ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। अधिकारी ने परिस्थितियों को पेश करते हुए एलआईसी कार्यालय खोले जाने की मांग की है पत्र में एलआईसी अधिकारी ने बताया है कि कोविड काल में ज्यादातर मृतक परिजन बीमा क्लेम को लेकर भटक रहे है। कार्यालय नहीं खुलने के चलते भुगतान मुश्किल है। इसलिए रायपुर डीविजन की तरह बिलासपुर डीविजन में बैंक की तर्ज पर बीमा कार्यालय खोलने की इजाजत दी जाए।  मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम मिलने से थोड़ी बहुत राहत मिलेगी।

              बताते चलें कि बिलासपुर जिले में 14 से 21 अप्रैल के बीच लाकडाउन है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने नया आदेश जारी कर लाकडाउन को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। बताना जरूरी है कि लाकडाउन के दौरान शासकीय और गैर शासकीय सभी कार्यालय बन्द है।

                 जानकारी हो कि कोरोना संक्रमण के चलते जिले में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बीमा के बावजूद जेब से भुगतान कर ठीक होकर घर लौटे हैं। अब मृतक के परिजन और ठीक हुए कोरोना पीड़ित बीमा क्लेम को लेकर लगातार एलआईसी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।अधिकारियों और अभिकर्ताओं से सम्पर्क कर बीमा क्लेम की मांग कर रहे है। चूंकि बिलासपुर में लाकडाउने होने के चलते बीमा कार्यालय बन्द है। जिसके चलते अब तक किसी को भी भुगतान नहीं हुआ है। 

                     लोगों की परेशानियों के मद्देनजर वरिष्ठ मंडल प्रबंधक ने कलेक्टर को आवेदन पत्र लिखकर कार्यालय खोलने की मांग की है। प्रबंधक ने पत्र में बताया कि संभाग में लगभग 8684 कम्पलेन करने वाले बीमाधारकों के बीच 45  करोड़ 31 लाख का भुगतान किया जाना है।  जब तक कार्यालय नहीं खुलेगा पीड़ितों का भुगतान मुश्किल है। इसलिए संभाग के मंडल कार्यालय समेत तीनो शाखाओं को नियम निर्देशों के तहत खोलने का आदेश दिया जाए।

          करोड़पति अभिकर्ता रवि श्रीवास ने बताया कि लाकडाउन के चलते लोगों को भूख की चिन्ता सताने लगी है। कोविड के इलाज में सारा पैसा खर्च होने के बाद लोगों के पास अब कुछ नहीं रह गया है। इलाज मेे सभी को घर से पैसा लगाना पड़ा है। अब लोग बीमा कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जिस तरह रायपुर में बैंक और जीवन बीमा कार्यालय को खोले जाने की अनुमति मिली है। उसी तर्ज पर बिलासपुर में कार्यालय खोलने की इजाजत दी जाए। निश्चित रूप से पीड़ितों को राहत मिलेगी। शासन का भी बोझ कम होगा।    

                     

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