VIDEO-मुख्यमंत्री ने कहा-गजब की महिला है..3 दिन के चिंतन शिविर में निकला-थू..भाजपा के पास मुद्दा नहीं..पुंरदेश्वरी ने रमन सिंह को नकारा

बिलासपुर— एक दिवसीय अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने…दुग्गावत्ती पुरंदेश्वरी को गजब की महिला बताया। उन्होने कहा कि बस्तर में भाजपा के चिन्तन शिविर में निष्कर्ष  केवल थू निकला है। पन्द्रह साल तक मुख्यमंत्री रहे..पुरंदेश्वरी कहती हैं कि रमन सिंह हमारा चेहरा नहीं है। यह हाल भाजपा और भाजपा नेताओं का है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम जल्द ही गोबार से बिजली का उत्पादन करेंगे। निश्चित रूप से यह प्रयास सभी के लिए लाभदायक होगा। 

                एक दिवसीय अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने सवाल जवाब के दौरान बताया कि जब से दुग्गावत्ती पुरंदेश्वरी आयी है..भाजपा नेताओं को हंटर लगा रही है और जमकर दौड़ा भी रही है। गजब की महिला है भाई..पन्द्रह साल तक प्रदेश में जो चेहरा मुख्यमंत्री रहा..उसकी अगुवाई में भाजपा ने चार बार चुनाव लड़ा। अब उसी चेहरे को दुग्गावती ने भाजपा का चेहरा होने से इंकार कर दिया है। जबकि रमन सिंह कहते हैं कि वह भी मुख्यमंत्री के लिए छोटा सा चेहरा  हैं..तो दुग्गावती ने उसे भी नकार दिया।

                             भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेताओं ने तीन दिन बस्तर में चिंतन शिविर किया। चिंतन शिविर का निष्कर्ष निकला केवल…थू…। जुबान कितनी खराब होगी कि एक महिला बोले..यदि भाजपा के कार्यकर्ता पलटकर थूक दें तो भूपेश और भूपेश सरकार बह जाएगी। ऐसी सोच पर तरस आती है।

                        सीएम ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में सर्वाधिक चर्च बने है। इस बात को भाजपा नेता भी स्वीकार करते हैं। चर्च वही बनेगा चहां क्रिष्चियन होंगे। यदि चर्च बने हैं धर्म परिवर्तन भी हुआ ही होगा। इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। और अब भाजपा नेता धर्मान्तरण को मुद्दा बना रहे हैं। भूपेश ने कहा कि दरअसल भाजपा के पास कोई मुद्दा बचा ही नहीं है। आदिवासी पर बोल नहीं सकते…महिला समस्या पर बोल नहीं सकते..किसानों पर बोलने लायक नहीं है। यही कारण है कि अब धर्मान्तरण का मुद्दा बना रहेे हैं। जिसके वह खुद जिम्मेदार हैं ..। लेकिन प्रदेश की जनता सब समझ रही है। 

                भूपेश ने कहा कि हम लोग अब गोबर से केवल दिया, गोकाष्ठ और अन्य सामाग्री ही नहीं बल्कि बिजली उत्पादन भी करेंगे। इसका फायदा स्वसहायता समूह को भी मिंलेगा। आर्थिक समस्या भी दूर होगी। ग्रीन एनर्जी की दिशा में गोबर से बिजली उत्पादन बड़ा कदम होगा। 

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