क्या है Rajyasabha चुनाव का पूरा गणित..? समझिए – कैसा था Chhattisgarh के पिछले चुनाव का समीकरण…?

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बिलासपुर।बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए होने वाले Rajyasabha चुनाव के लिए अपने कैंडिडेट की घोषणा कर दी है. BJP ने छत्तीसगढ़ से राजा देवेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर मुहर लगाई है. बता दें कि राज्यसभा की 56 सीटों के लिए 27 फरवरी को वोटिंग होगी.

इन 56 सीटों में से एक सीट छत्तीसगढ़ की भी है. यहां से वर्तमान में बीजेपी की दिग्गज नेत्री सरोज पांडेय राज्यसभा सांसद हैं. चुनाव आयोग के अनुसार जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनका कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है. अभी राज्‍य की 5 में से राज्‍यसभा की 4 सीट कांग्रेस के पास है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisagrh) से राजा देवेंद्र प्रताप सिंह (Raja Devendra Pratap Singh) को bjp ने अपना उम्मीदवार बनाया है।गौरतलब है कि भाजपा की राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे का कार्यकाल पूरा हो रहा है।उनकी जगह नए राज्यसभा सदस्य के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो रही है । लेकिन इस बार बीजेपी ने सरोज पांडे को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है। उनकी जगह राजा देवेंद्र प्रताप सिंह उम्मीदवार बनाए गए हैं.

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बता दे कि राजा देवेंद्र प्रताप सिंह लैलूंगा के गोंड (आदिवासी) राजा है। उनके पिता स्व. सुरेंद्र कुमार सिंह प्रदेश में 20 सालों से अधिक तक विधायक के तौर पर रहे। देवेंद्र के पिता कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते थे। देवेंद्र के पिता अपने राजनीतिक करियर में एक बार राज्यसभा सदस्य भी रह चुके है। पिता के उलट देवेंद्र ने 20 साल पहले कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। देवेंद्र ने पिछली बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था और वर्तमान में वे जिला पंचायत के सदस्य है। साफ सुथरी छवि वाले देवेंद्र को बीजेपी ने राज्यसभा का सदस्य का उम्मीदवार चुना है।

वहीं सरोज पांडेय छत्तीसगढ़ की पहली निर्वाचित राज्यसभा सांसद थीं। तब 49 विधायकों वाली भाजपा की प्रत्याशी सरोज पांडेय को 51 वोट मिले थे। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका था, जब राज्यसभा के लिए मतदान किया गया। पिछली बार कांग्रेस ने लेखराम साहू को उतरा, लेकिन उनको पार्टी के ही पूरे वोट नहीं मिले थे।

छत्तीसगढ़ की एक राज्यसभा सीट पर 27 फरवरी को वोटिंग होगी और इसी दिन नतीजे आएंगे। चुनाव के लिए आयोग 8 फरवरी को अधिसूचना जारी करेगा। नामांकन पत्रों की जांच की तारीख 16 फरवरी है। उम्मीदवार 20 फरवरी तक नाम वापस ले सकेंगे।

इधर इतवार को मध्यप्रदेश पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में अपने गठबंधन सहयोगियों के बिना 370 सीटें जीतेगी।मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ”एनडीए 400 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगा।”उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता भी कहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा 400 सीटें जीतेगी।

उन्होंने कहा, ”मैं झाबुआ में प्रचार करने नहीं आया हूं। मध्य प्रदेश में भाजपा को जिस तरह का समर्थन मिला है, उससे पता चलता है कि लोगों को भाजपा की डबल इंजन सरकार पर भरोसा है।’

उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी और उसके सहयोगियों ने पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है और उन्होंने अपनी आखिरी रणनीति – ‘लूटो और बांटो’ का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

मोदी ने कहा, “परिणामों को जानने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी अब लोगों को धर्म, जाति और पंथ के नाम पर विभाजित करने के लिए अपने आखिरी हथियार का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन, इस देश के लोग उन्हें सफल नहीं होने देंगे।”

उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस में बड़ा संकट आ गया है और उनमें से कई लोग पार्टी छोड़कर भागने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद उनके (कांग्रेस के) पाप धुल जाएंगे।

मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को अपना वोट बैंक माना है। हम उन्हें वोट बैंक नहीं मानते। वे हमारे देश का गौरव हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य समुदाय को उनके अधिकार प्रदान करके उनका उत्थान करना है। वे कई दशकों से अपने अधिकारों से वंचित हैं।”

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वन संपदा कानून में बदलाव कर आदिवासी समाज को वन भूमि से संबंधित अधिकार लौटाए हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की अपनी पहली यात्रा के दौरान – मोदी जो तीसरा कार्यकाल चाह रहे हैं – ने कई परियोजनाओं की घोषणा की और कुछ परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

मोदी ने राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र झाबुआ में कहा, “कांग्रेस केवल चुनाव के दौरान आपका समर्थन मांगने के लिए आपके (आदिवासियों) पास आती है। भाजपा ने आदिवासी द्रौपदी मुर्मू को अध्यक्ष बनाकर एक मिसाल कायम की है. कांग्रेस – जो आदिवासियों की हमदर्द होने का दावा करती है – ने ऐसा न होने देने के लिए हरसंभव प्रयास किया था।”

भाजपा ने उत्तर प्रदेश से सुधांशु त्रिवेदी, आरपीएन सिंह, चौधरी तेजवीर सिंह, साधना सिंह, अमरपाल मौर्य,संगीता बलवंत और नवीन जैन को राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारों की रविवार को जारी लिस्ट में बिहार से धर्मशीला गुप्ता एवं डॉ. भीम सिंह, छत्तीसगढ़ से राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, हरियाणा से सुभाष बराला, कर्नाटक से नारायणा कृष्णासा भांडगे, उत्तराखंड से महेंद्र भट्ट और पश्चिम बंगाल से सामिक भट्टाचार्य को भी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है।

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पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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