यशस्वी जशपुर के तहत मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशाला संपन्न

जशपुर नगर।यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत ज़िला कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के निर्देशन में ज़िले के विषयवार मास्टर ट्रेनर्स की एक दिवसीय कार्यशाला आज संपन्न हुई ।
जिले में शिक्षा की उच्च गुणवत्ता एवम बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर के मार्गदर्शन में 18 नवंबर से यशस्वी जशपुर के द्वारा हाई एवम हायर सेकेंडरी विद्यालयों के सभी शिक्षकों का स्वान स्टूडियो के माध्यम से ऑनलाइन उन्मुखीकरण किया जाना हैं।

विषयवार घोषित तिथि को स्त्रोत प्रशिक्षक जिला मुख्यालय के स्वान स्टूडियो से प्रत्येक विकासखंड के स्वान स्टूडियो में बैठे शिक्षकों का उन्मुखीकरण करेंगे। यह ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यशाला 18 नवंबर से प्रारंभ होकर 15 दिसंबर तक चलेगी।

विषयवार शिक्षकों के उन्मुखीकरण से पूर्व आज यशस्वी जशपुर के स्त्रोत प्रशिक्षकों का ऑफलाइन कार्यशाला संपन्न किया गया। यह कार्यशाला संकल्प शिक्षण संस्थान के सभा कक्ष में आयोजित की गई । कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने बताया कि किस तरह ज़िले के कक्षा १० वीं एवं १२ वीं में ज़िले के स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत् प्रतिशत लाया जाए ।

उन्होंने बताया कि एक रणनीति के तहत शिक्षकों को अध्यापन कराना चाहिए । बच्चों का चिन्हांकन कर इनकी दक्षता के अनुरूप शिक्षण कार्य किया जाये तो बेहतर परिणाम आ सकते है । स्कूल में बच्चों को रुचिकर शिक्षा दी जानी चाहिए । स्कूल में उपलब्ध संसाधन का उपयोग का बेहतर उपयोग छात्र हित में किया जाना चाहिए । उन्होंने कम अच्छे बच्चों का परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए कई उपाय बताए। उन्होंने कहा कि जिले का हर शिक्षक ब्लूप्रिंट एवम पिछले पांच साल के प्रश्न पत्रों का अच्छे से विश्लेषण करें एवम् उससे ऐसे प्रश्नों का चयन करें कि कम अच्छे बच्चे भी परीक्षा में अच्छे अंक ला पाने में समर्थ हो सके।

विगत तीन वर्षों से कोरोना के कारण बच्चों में लर्निंग गैप आया है, जिससे विगत वर्ष की तुलना में वर्तमान में कुछ ज्यादा बच्चे C ग्रेड में आ रहें हैं। विनोद गुप्ता ने बताया कि लर्निंग गैप को कम करने एवम C ग्रेड बच्चो को B ग्रेड में तथा B ग्रेड बच्चों को A ग्रेड में लाने हेतु शिक्षक बच्चों से ग्रुप लर्निंग, पीयर लर्निंग के अलावा स्मार्ट क्लास, उपचारात्मक शिक्षण एवम अतिरिक्त कक्षा का भी आयोजन करें, जिससे विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा सीख सके एवम निर्धारित समयावधि पाठ्यक्रम पूरा होने से बच्चों का पुनरावृत्ति भी कराया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के सहयोग से क्वेश्चन बैंक बनवाए।

इससे बच्चों में आधारभूत ज्ञान में वृद्धि होगी और बच्चे प्रश्नों के पेंच को और अच्छे तरीके से समझ पाने में सफल होंगे। संकल्प प्राचार्य ने बताया कि पिछड़ा कहे जाने वाले जशपुर जिले से अब प्रत्येक वर्ष बच्चे JEE एवम NEET में चयनित होकर बच्चे इंजीनियर और डॉक्टर बन रहे हैं। यह हमारे जशपुर जिले के शिक्षकों और बच्चों के मेहनत का परिणाम है।

अंत में उन्होंने कहा कि यदि जिले का हर शिक्षक, प्रशिक्षक एवम प्राचार्य यह वचन ले कि उनके बच्चे उनके विषय में शत प्रतिशत अंक लाएंगे तो जशपुर जिला पुनः सफलता की नई कहानी लिखेगा। इस कार्यशाला को संपन्न कराने में में यशस्वी जशपुर के सदस्य संजीव शर्मा , संजय दास , अवनीश पांडेय ने अपनी महती भूमिका निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *