शिक्षाकर्मी संविलयन के छत्तीसगढ़ मॉडल की अन्य राज्यों मे भी तारीफ…… उठ रही यही मॉडल लागू करने की माँग

रायपुर । छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियो के संविलियन के मॉडल की चर्चा देश के पैरा शिक्षको में चल रही है। झारखंड के एकीकृत पैरा शिक्षको ने …छत्तीसगढ़ मॉडल लागू करो.. का नारा बुलंद कर दिया है।हाल ही में झारखंड में पूरे प्रदेश स्तर पर मशाल रैली निकाली गई। और डाक्टर रमन सिंह पैरा शिक्षको की जबान पर थे। मोर्चा के शिक्षक महासम्मेलन में देश के कई राज्यो के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हो सकते है।

झारखंड के पैरा शिक्षक नेता रंजीत जायसवाल ने बताया कि मोर्चे के 30 सितंबर के मोर्चा के शिक्षक महासम्मेलन में झारखंड के पैरा शिक्षको का एक समूह शामिल होगा  । छत्तीसगढ़ के पैरा शिक्षक शिक्षा कर्मियो का वर्तमान वेतनमान और संविलियन ऐसा निर्णय है जिसकी जितनी तारीफ की जाय उतना कम हैं।जायसवाल ने बताया कि झारखंड में दिहाड़ी मजदूर से भी कम तन्खा एक पैरा शिक्षक की है। आठ से दस हजार रुपये महीने की तन्खा पर पैरा शिक्षक काम कर रहे है।और हम छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियो का संविलियन मॉडल लागू करने की मांग कर रहे है। 23 सितंबर को इस विषय पर और चर्चा दिल्ली में राष्ट्रीय पैरा शिक्षको के बीच मे की जाएगी

छत्तीशगढ़ शिक्षक पंचायत व नगरीय निकाय मोर्चा के संचालक केदार जैन और वीरेंद्र दुबे में सीजीवाल को बताया कि छत्तीसगढ़ में संविलियन/शासकीयकरण के इस सरकार का ऐतिहासिक निर्णय है पिछले 23 सालों से प्रदेश के शिक्षक इसकी राह देखरहे थे। इस ऐतिहासक सफलता को यादगार बनाने के लिए 30 सितम्बर

  • ll PostsAको इंडोर स्टेडियम रायपुर में “शिक्षक महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है । जिसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह होंगे तथा अध्यक्षता गौरीशंकर अग्रवाल अध्यक्ष विधानसभा  करेंगे। कार्यक्रम में राज्य के मंत्रीगण विशिष्ट अतिथि होंगे।

प्रदेश संचालक केदार जैन और विरेन्द्र दुबे  ने बताया कि रायपुर में होने वाला माह सम्मेलन ऐतिहासिक होगा  । इसमें प्रदेश समस्त शिक्षकों के अलावा देश के कई राज्यों के पैरा शिक्षक सम्मिलित होंगे। उन्होंने ने बताया कि झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल , बिहार  ,उत्तरप्रदेश में छत्तीसगढ़ संविलियन मॉडल काफी चर्चा में है। सभी इस मॉडल की तारीफ कर रहे है और इसे अपने अपने प्रदेशो में लागू करने की माँग कर रहे है।
वीरेंद्र दुबे ने बताया कि देश जिन राज्यो में पैरा शिक्षा अपने नियमितिकरण की लडाई लड़ रहे है वे 23 सितंबर को दिल्ली में एक जुट होने वाले है। राष्ट्रीय पैरा शिक्षक मंच पर छत्तीसगढ़ संविलियन मॉडल पर चर्चा होगी और इसे देश भर में लागू करने की माँग केंद्र सरकार से की जायेगी।

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