आबकारी विभाग के तीन अफसर सस्पेंड:लापरवाही पर मंत्री का रवैया सख्त

AA photoccरायपुर।वाणिज्यिक-कर मंत्री अमर अग्रवाल ने सोमवार को आबकारी भवन में विभागीय बैठक लेकर अधिकारियों के काम-काज की समीक्षा की।आबकारी मंत्री ने समीक्षा के दौरान तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए है।उनके निर्देश पर तीनों अधिकारियों का निलंबन आदेश आज ही यहां मंत्रालय से वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग ने जारी कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में जांजगीर-चांपा के जिला आबकारी अधिकारी विकास गोस्वामी, सूरजपुर के जिला आबकारी अधिकारी आशीष कोसम और रायपुर जिले के सहायक जिला आबकारी अधिकारी पी.के. शुक्ला शामिल हैं। अलग-अलग जारी निलंबन आदेशों में तीनों अधिकारियों पर शासकीय कार्य में घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

                                      जांजगीर-चांपा के निलंबित जिला आबकारी अधिकारी गोस्वामी पर राज्य शासन की अहाता नीति के उल्लंघन का भी आरोप है। सूरजपुर के निलंबित जिला आबकारी अधिकारी कोसम के निलंबन आदेश के अनुसार उन पर पद से संबंधित कार्य में लापरवाही के फलस्वरूप शासन को राजस्व क्षति होने और समीक्षा बैठक में उनके द्वारा कदाचरण किए जाने का आरोप है।

                                रायपुर के निलंबित जिला सहायक आबकारी अधिकारी शुक्ला के निलंबन आदेश में क्राउन डिस्टलरी में अपने पद से संबंधित कार्यों में लापरवाही बरतने और इसके फलस्वरूप अवैध मदिरा की निकासी के कारण सरकार को राजस्व क्षति होने का आरोप लगाया गया है। निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों का मुख्यालय परिवर्तित कर दिया गया है।

                     गोस्वामी को रायपुर आबकारी उपायुक्त, संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय से, कोसम को सहायक आयुक्त आबकारी जांजगीर के कार्यालय से और शुक्ला को जिला आबकारी कार्यालय रायगढ़ से संलग्न किया गया है।

                    समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक-कर मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में एक अप्रैल से लागू नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली।आबकारी मंत्री ने हाथभट्ठी और अवैध शराब की बिक्री की रोकथाम के लिए राज्य भर में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
अमर अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शराब की तस्करी रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगाह रखी जाए। उन्होंने राज्य के डिस्टलरी और बाटलिंग यूनिट से मदिरा की अवैध निकासी न हो इसके लिए भी अधिकारियों को सतत् निगरानी के निर्देश दिए।

                    आबकारी मंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में शराब निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत में नहीं बेची जानी चाहिए। अगर ऐसा पाया गया तो संबंधित दुकानों में कार्यरत विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

              वाणिज्यिक कर मंत्री ने शराब दुकानों में अहाता के लिए शासन द्वारा जारी नीति का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके तहत दुकान से खाद्य सामग्री के लाइसेंसी ठेले अधिकृत शराब दुकानों से 50 मीटर दूर रहने चाहिए, तभी उन्हें ठेला लगाने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने जिलेवार सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण और प्रत्येक दुकान का हर माह नियुक्त चार्टड एकाउंटेंटो से स्टॉक आदि का सत्यापन भी करने के निर्देश दिए।

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