आम आदमी पार्टी ने उठाया सवाल…… मृत बच्ची के कोरोना संक्रमण पर क्या छिपा रहा प्रशासन ? सिम्स प्रबंधन का उदासीन और गैरजिम्मेदाराना रवैया अत्यंत अमानवीय व चिंताजनक

बिलासपुर । आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता शिवनाथ केशरवानी ने सवाल किया है कि क्या कोरोने संक्रमण के मामले में बिलासपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही पर परदा डालने की कोशिश की जारही है।  पिछले  30 मई को मस्तूरी क्षेत्र की 9 वर्षीय मासूम बच्ची की मृत्यु निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण से हुई है.। किन्तु जिस प्रकार बच्ची के प्रति स्वास्थ्य प्रबंधन गैरजिम्मेदार और उदासीन रहा है स्थानीय जिला प्रशासन सिम्स पर जवाबदेही तय करने की जगह उसपर पर्दा डालने का हर सम्भव प्रयास कर रही है ।

          एक बयान में उन्होने कहा है कि बच्ची 29 मई को अपने परिवार के साथ प्रवासी मजदूर के जत्थे के साथ इलाहाबाद से बिलासपुर नई बसस्टैंड पहुँचती है.। प्रशासन की ही बात मान लें कि उसे कैंसर भी था । तब उसे यहीं सिम्स या जिला अस्पताल में रोक कर  समग्र जाँच कर भर्ती क्यों नहीं किया गया .? आखिर उसे मस्तूरी क्वारेंटिंन सेंटर क्यों भेज दिया गया.?कारण उस बच्ची का तबीयत निश्चित तौर पर उसी दिन नासाज रही होगी ।  क्योंकि बच्ची को दूसरे दिन 30 मई को ही तबीयत ज्यादा खराब होने पर मजबूरन सिम्स लाया जाता है.। जहाँ सिम्स प्रबंधन उसी दिवस देर शाम को ही बच्ची की तबीयत का गम्भीर हवाला देते हुए…रायपुर एम्स रिफर करने की तैयारी करने लग जाती है। सिम्स द्वारा घोर लापरवाही का यह नमूना पेश किया जाता है कि उस अशिक्षित मजदूर परिवार द्वारा रायपुर जाने से बचने के लिए जब यहीं दूसरे हॉस्पिटल में इलाज की बात कही जाती है । तब उसे आसानी से छोड़ भी दिया जाता है ।

              शिवनाथ केशरवानी ने आगे कहा है कि उस बच्ची की गम्भीर अवस्था का अनुमान आप आसानी से लगा सकते हैं कि वह एक ही दिन में  कितनी गम्भीर हो गई कि… जब 30 मई शाम को ही एम्बुलेंस की व्यवस्था करते-करते  वह मृत्यु को प्राप्त हो जाती है और हमारे  चुस्त -दुरुस्त स्वास्थ्य व्यवस्था का अन्दाजा आप स्वयं लगा लें कि उस मृत बच्ची का कोरोना पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट दो दिन बाद आता है ।

               रिपोर्ट कोरोना पोजेटिव आने के बाद भी बच्ची के मृत्यु उपरांत यदि प्रशासन कोरोना मौत नहीं मानने का कवायद करने लग जाये तब यह कितना गम्भीर है आप अनुमान लगा सकते है.। यहाँ विचारणीय प्रश्न है कि जिस व्यक्ति को कोई गम्भीर बीमारी पूर्व से है जैसे..हृदय, सांस का अस्थमा, बीपी, कैंसर आदि उसे कोरोना आसानी से अपनी चपेट में लेता है.।  फिर बच्ची 29 मई को ही मजदूरों के बस में इलाहाबाद से आयी थी स्पष्ट है उसकी मृत्यु का कारण कोरोना ही है । किन्तु जिला प्रशासन सिम्स प्रबंधन को पाक साफ सिद्ध करने के लिए घिनौनी पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।।

           आम आदमी पार्टी  प्रदेश संगठन सिम्स प्रबंधन और जिला प्रशासन की इस लापरवाही और उदासीन रवैया का निंदा करती है और आशा करती है कि आगामी दिनों में अन्य मजदूरों के साथ ऐसा बर्ताव न किया जाये ।।

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