कोरोना पर बड़ा फैसला,महामाया मंदिर रतनपुर में जसगीत, भंडारा व भीड़-भाड़ वाले आयोजन नहीं किये जाएंगे,मंदिर समिति के साथ कलेक्टर की बैठक में फैसला

बिलासपुर।नवरात्रि पर्व पर रतनपुर महामाया मंदिर में जसगीत के आयोजन, भंडारा और भागवत कथा के आयोजन को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में सप्तमी सहित प्रतिदिन केवल रात्रि 10 बजे तक दर्शन किया जा सकेगा। मंदिर में सेवकों और दर्शनार्थियों के लिए सेनेटाइजर और मास्क रखे जाएंगे और वे किसी वस्तु के स्पर्श से बचेंगे। गर्भ-गृह में प्रवेश भी नहीं हो सकेगा। सभी सुरक्षात्मक उपाय सोमवार 16 मार्च से प्रारंभ किये जायेंगे।

कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने आज नवरात्रि पर्व पर रतनपुर महामाया मंदिर में एकत्र होने वाली भीड़ के संदर्भ में कोरोना वायरस के खतरों को लेकर बैठक ली। इस बैठक में महामाया मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर डॉ. अलंग ने ट्रस्ट के सदस्यों और अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद निर्देश दिया कि दर्शन के लिए बनाये गए स्टील रेलिंग की लगातार हाईपो क्लोराइड साल्यूशन से धुलाई की जायेगी। मंदिर परिसर में सेवकों, कार्यकर्ता और कर्मचारियों के लिए सेनेटाइजर, मास्क और सुरक्षा किट अनिवार्य रूप से ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा। नवरात्रि पर मेला और अस्थायी दुकानों को लगाने पर रोक रहेगी। मंदिर में खुला प्रसाद भी वितरित नहीं किया जायेगा। मंदिर के गर्भगृह को भी बंद रखा जायेगा। इसमें किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

बैठक में अपील की गई कि जिन लोगों को सर्दी-खांसी और बुखार है वे दर्शन के लिए नहीं पहुंचे। इसकी जांच के लिए वहां चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। महामाया मंदिर के पास स्थित तालाब में स्नान भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे देश जो कोरोना प्रभावित हैं वहां से आने वाले दर्शनार्थियों को भी सलाह दी गई है कि वे दर्शन के लिए मंदिर नहीं आएं। कोरोना के संदिग्ध मरीजों को, जिनकी जांच चल रही हो ऐसे लोगों का मंदिर प्रवेश वर्जित किया जा सकेगा।

दूसरे राज्यों व अन्य देशों से आने वाले कोरोना संदिग्ध लोगों के रुकने की व्यवस्था अलग से मंदिर परिसर से दूर स्थान पर की जायेगी। इस जगह को संक्रमण रहित किया जायेगा। सलाह दी गई है कि मंदिर परिसर में दर्शनार्थी एक दूसरे को छूने से, यहां तक किसी भी वस्तु को छूने से बचें और दर्शन के लिए कतार में पर्याप्त दूरी बनाकर चलें।

कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रत्येक सुरक्षात्मक उपाय के लिए मंदिर के सेवकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा, जिसमें मास्क पहनना, उसका निष्पादन करना, सेनेटाइजर का इस्तेमाल करना, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का उपयोग करना बताया जायेगा। मास्क पहनने, सुरक्षात्मक किट और उनके निष्पादन के लिए सभी शासकीय कर्मचारियों एव एवं मंदिर ट्रस्ट के सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए भी कहा गया है।

इस बैठक में रतनपुर महामाया मंदिर के प्रबंध न्यासी सुनील सोन्थलिया, सहायक कलेक्टर देवेश ध्रुव, कोटा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री आनंद रूप तिवारी, डिप्टी कलेक्टर अंशिका पांडेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रमोद महाजन, कोरोना विषय के नोडल अधिकारी डॉ. एस. के. लाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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