जमानत के बाद जोगी ने दिखाया तेवर..खुद को बताया घायल शेर…कहा… शुरू उन्होनें किया..अंत अब हम करेंगे

Chhattisgarh,चुनावी शोर,दुष्कर्म पीड़िता,किन्नरों,आवाज,अमित जोगी ,CM ,चिट्ठी,जांच की मांग,amit jogi,wrote,letter,chief,election,officer,cg,chhattisgarhबिलासपुर—- हाईकोर्ट से जमानत मिलते ही अमित जोगी ने प्रवक्ता के माध्यम से बयान जारी किया है। जोगी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के संदेश को ध्यान रखूंगा कि गांधी जी ने जेल यात्रा के दौरान खुद को हताशा के अंधेरे में डूबने नहीं दिया। लेकिन अहित करने वालों को आगाह करता हूं कि लड़ाई की शुरूआत उन्होने की है। अंत छत्तीसगढ़ की जनता के आशीर्वाद के साथ हम करेंगे।

                         जमानत मिलते ही पूर्व विधायक अमित जोगी ने जेल के अन्दर से प्रवक्ता के माध्यम से संघर्ष का बिगुल बजाने का बयान जारी किया है। जोगी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के इस बयान को हमेशा याद रखूंगा कि गांधी जी ने जेल यात्रा के दौरान अपने को हताशा में डूबने नहीं दिया। बल्कि खुद संघर्ष का बिगुल फूंकते हुए जेल से बाहर आए। अब समय आ गया है कि अहित चाहने वालों को मैं जवाब दूं। लड़ाई की शुरूआत उन्होंने शुरू की है। लेकिन अंत छत्तीसगढ़ की जनता के सहयोग और आशीर्वाद से होगा।

                                 जोगी ने जमानत की सूचना के बाद कहा कि न्याय की एक बार फिर जीत हुई है। मैं  न्यायपालिका का आभार व्यक्त करता हूं। सिद्ध हो गया कि छत्तीसगढ़ में जंगल राज नहीं बल्कि कानून का राज चलता है। मेरे पिता ने मिलकर मुझसे कहा की शेर से ज्यादा प्रभावशाली घायल शेर होता है। मैं अपने माता-पिता और पत्नी का आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही परिवार और पार्टी से जुड़े एक – एक व्यक्ति का हृदय से आभारी  हूं। जिन्होंने  जेलयात्रा के दिनों में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया। अपने वकीलों और डॉक्टरों को भी धन्यवाद देता हूं।

                          जोगी ने अपने बयान में बताया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है। जहां शासकीय सेवकों को आरएसएस से जुड़ने की खुली छूट है। गोडसे मानसिकता के व्यक्ति को महाधिवक्ता जैसे पद पर बैठाया गया है। मुख्यमंत्री का  विरोध करने वाले को पुलिस का दुरुपयोग कर जेल भेजा जाता है। ऐसे लोग जो खुद को गांधीवादी बताते हैं..उन्हें शर्म आनी चाहिए।

                जोगी ने धमकी दी है कि पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक के खिलाफ अवमानना समेत विभागीय कार्यवाही का प्रकरण चलाया जाएगा। ताकि भविष्य में इस प्रकार राजनैतिक दबाव और द्वेष को लेकर पुलिस तंत्र का दुरुपयोग ना किया जाए।

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