नक्सल विरोधी अभियान का रोड मैप तैयार करने समेत अंतर्राज्यीय पुलिस समन्वय बैठक में लिए गए ये महत्वपूर्ण निर्णय

रामानुजगंज (पृथ्वीलाल केशरी )। छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला मुख्यालय बलरामपुर में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु गुप्ता व कमिश्नर टामन सिंह सोनवानी की उपस्थिति में अंतरराज्जीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान का रोड मैप तैयार करने के साथ ही चुनाव पूर्व शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्णय लिया गया। बैठक में फरार अपराधियों व वारंटियों की सूची का आदान-प्रदान भी किया गया। वर्ष 2018 के अंत मे होने वाले छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव केे मद्देनजर सरगुजा रेंज में अभी से ही तैयारियां युद्घ स्तर पर आरंभ कर दी गई हैं।

जिला मुख्यालय बलरामपुर के आफिसर्स क्लब में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तरप्रदेश के राजस्व व पुलिस अधिकारियों की विशेष बैठक कमिश्नर टामन सिंह सोनवानी, आईजी हिमांशु गुप्ता की उपस्थिति में आयोजित की गई। बलरामपुर जिले की सीमाएं झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े होने के कारण इस बैठक में चुनाव के मद्देनजर नक्सल विरोधी अभियान को लेकर  पुलिस अधिकारियों के बीच गहरी मंत्रणा भी हुई।

शांति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था के साथ ही नक्सल विरोधी अभियान का रोड मैप भी इस बैठक में तैयार किया गया। बैठक में चुनाव को लेकर अब तक हुई तैयारियों तथा पुलिस की ओर से संचालित गतिविधियों की भी जानकारी साझा की गई। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हेतु उत्कृष्ठ अंतर्राज्जीय समन्वय के लिए पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रतिबद्घता जाहिर की।

बैठक में बलरामपुर कलेक्टर एचएल नायक, एसपी बलरामपुर टी.आर. कोशिमा, सरगुजा एसपी सदानंद कुमार, सूरजपुर एसपी गिरजा शंकर जायसवाल, जशपुर एसपी प्रशांत सिंह, झारखंड के गढ़वा की एसपी शिवानी तिवारी, लातेहार एसपी प्रशांत आनंद, मध्यप्रदेश के सिंगरौली एसपी रियाज इकबाल, कलेक्टर सिंगरौली,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज सुक्ला सोनभद्र के डीएसपी सुनील कुमार विश्नोई सहित झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश के पुलिस व राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।अंतरराज्जीय समन्वय बैठक में एसडीओपी एवं थाना प्रभारियों की नियमित बैठकों की समय सीमा निर्धारित की गई।

फरार अपराधियों व वारंटियों की सूची का आदान-प्रदान किया गया। संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन कर वहां चुनाव के दौरान किए जाने वाले इंतजामों पर चर्चा हुई। अवैध शराब व दूसरे मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की गई। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, झारखंड व मध्यप्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने फिक्सड पिकेट व मोबाइल चेकिंग के संबंध में जानकारियां साझा की। अंतरराज्जीय समन्वय को और बेहतर बनाने के लिए वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया,ताकि पुलिस के आलाधिकारी त्वरित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकें।

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