बिलासपुर झण्डारोहण…पहली बार महिला विधायक फहराएंगी झण्डा…कुछ अलग होगा गणतंत्र दिवस का नजारा

बिलासपुर– एक दिन पहले जनसंपर्क मंत्रालय ने प्रदेश के 27 जिलों में 26 जनवरी को झण्डारोहण करने वाले नेताओं की सूची जारी किया है। प्रदेश के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण शहर बिलासपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रश्मि आशीष सिंह पुलिस मैदान में झण्डारोहण करेंगी। रश्मि सिंह तखतपुर की विधायक हैं। उनका मायका और ससुराल दोनों ही कांग्रेस की मुख्यधारा की राजनीती मेंं रहे हैं। रोहणी वाजपेयी से लेकर ठाकुर बलराम सिंह की गिनती कांग्रेस की राजनीति में बड़े नेताओं में होती है। अविभाज्य मध्यप्रदेश में कई पदों पर रहे। रश्मि सिंह के पति आशीष सिंह का नाम प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में बड़े नेताओं मेंं गिनती है। इन सबसे हटकर रश्मि सिंह की अपनी अलग पहचान है। बीस साल पहले नगर निगम बिलासपुर की पार्षद रह चुकी हैं। उन्हें उनकी कार्यशैली,व्यक्तित्व और जनहित पर उठाए गए सवालों और विचारों के लिए आज भी याद किया जाता है। वह भी उस दौर में जब एक कार्यकाल के बाद मेयर को भी भूला दिया जाता हो।

                     सरकार ने झण्डारोहण की सूची को आम कर दिया है। प्रदेश के 27 जिलों मे 26 जिलों में कौन-कहां झण्डारोहण करेगा..सूची को इदो सप्ताह पहले ही जिला कार्यालयों को भेज दिया गया है। बिलासपुर पुलिस मैदान में पहली बार कोई महिला विधायक गणतंत्र दिवस की सलामी लेगी। निश्चित रूप से देश की आधी आबादी को बहुत बड़ा सम्मान है। सरकार की महिलाओं के प्रति नजरिया को जाहिर करता है।दौर भी महिला सशक्तिकरण का है। देश की आधी आबादी को इससे बड़ा सम्मान शायद ही कुछ हो। जब महिलाएं जमीन से लेकर आसमान तक वर्चस्व बना रही हों। फिर पुलिस मैदान में महिला विधायक को लोग झण्डा रोहण करते जब देखेगे तो पहली बार लोगों में अलग उमंग और उत्साह देखने को मिलेगा।  जिसका अदांजा अभी लगने लगा है।

                                        बहरहाल जिला प्रशासन की गणतंत्र दिवस को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। पहली बार कोई महिला विधायक पुलिस मैदान में सलामी लेने के साथ राज्यपाल के संदेश का वाचन करेगी। निश्चित रूप से बिलासपुर के लिए गौरव की बात होगी। रश्मि सिंह खुद मानती है झण्डारोहण की जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात है। बिलासपुर मेंं महिलाओं को सरकार की तरफ से दिया गया सबसे बड़ा तोहफा है। क्योंकि लोकतंत्र में सभी लोग बराबर हैं। भूपेश सरकार ने भी यही संदेश दिया है।

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