महिला आवास मित्र का सरपंच सचिव पर आरोप..कह रहे पात्रों से वसूलो रूपए 5 हजार..अन्यथा नौकरी छोड़ो

बिलासपुर— जनपद पंचायत बिल्हा अन्तर्गत सिंघरी की एक महिला आवास मित्र ने सरपंच और सचिव पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुचकर लिखित में बताया कि सरपंच और सचिव हितग्राहियों से पाच हजार रूपए वसूलने का लगातार दबाव बना रहे हैं। ऐसा नहींं करने पर नौकरी से खाने की बात कर रहे हैं। पीडित महिला ने कहा कि सिंघरी लखराम क्षेत्र में 127 आवास बनाए गए हैं। सभी से पांच हजार नहीं मिलने पर झूठे आरोप में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैंं। जिससे लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महिला आवास मित्र ने बताया कि वह सिंघरी जनपद पंचायत में आवास मित्र के रूप में काम कर रही हूं। 2016 में आवास मित्र के रूप में बेहतर काम किया। इसके अलावा 2017-18 में भी मेरे देखरेख में सिंघरी क्षेत्र में गरीबों के लिए 127 आवास बनाए गए। सभी को स्वीकृत आवास भी मिल चुका है। आवास देते समय सरपंच और सचिव ने गड़ब़ड़ झाला किया है। अब नए तरीके से गरीबों से वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सीजीवालडॉटकॉम के whatsapp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

           आवास मित्र साधना भारद्वाज ने बताया कि सिंगरी लखराम सरपंच और सचिव मुझ पर सभी हितग्राहियों से पांच-पांच हजार रूपए वसूलने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। सरपंच और सचिव ने कहा कि हितग्राहियों को मुफ्त में मकान नहीं दिया गया है। सभी से रूपए वसूल कर लाओ। अन्यथा सरकार उसे नौकरी से निकाल देगी।

           साधना ने बताया कि सरपंच सचिव ऐसा नहीं करने पर आवास निर्माण में बाधा बन रहे हैं। कह रहे हैं कि यदि पांंच पांच हजार रूपए की वसूली नहीं हुई तो बाकी आवास नहीं बनने देंगे। जबकि जनपद और जिला पंचायत से लगातार दबाव है कि आवास निर्माण में तेजी लायी जाए। जिसके कारण उस पर बहुत दबाव है।

                       सरपंच सचिव लगातार धमकी दे रहे हैं कि यदि रूपए नहीं लाए तो किसी ना किसी आरोप में उसे नौकरी से निकलवा दिया जाएगा। जबकि मैं निर्दोष हूं। आवास हितग्राही भी इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं। जिला प्रशासन से निवेदन है कि यदि ऐसा ही दबाव बनाकर डराया धमकाया जाएगा तो लक्ष्य हासिल करने में काफी परेशानी होगी। जानकारी मिली है कि सरपंच और सचिव उसके आबरू पर भी कीचड़ उछालने का षड़यंत्र रच रहे हैं। उसे न्याय दिलायी जाए। ताकी ना केवल अपना काम ठीक से कर सकू…बल्कि परिवार का भी भरण पोषण कर सकूं।

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