मुझें किसी प्रकार का दुख नहीं..रमेंश बैस

2बिलासुपुर–अंतागढ़ टेपकांड मामले में इन दिनों प्रदेश की सियासत इस कदर गरमाई हुई है कि जोगी पिता-पुत्र जहां लगातार सफाई देते नजर आ रहे हैं। वहीं सत्ताधारी भाजपा के नेता कुछ भी ना बोलने में अपनी भलाई समझ रहे हैं। बिलासपुर कुर्मी क्षत्रीय समाज के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे भाजपा सांसद रमेश बैस ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आडियो टेप कांड पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग इस मामले में जांच कर रही है। लिहाजा अभी इस मामले में कुछ भी बोलना जल्दबाजी होगी।

             रमेश बैस ने बोला कि आनेवाले दिनों में जांच रिपोर्ट से सुबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। आडियो टेप की सच्चाई सामने आ जाएगी। दरअसल अंतागढ़ चुनाव मामले में कांग्रेसी प्रत्याशी मंतूराम पवार के नाम वापसी मामले में कथित सौदेबाजी का टेप वायरल होने के बाद मामला सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए गले की हड्डी बन गई है।

              कांग्रेस पार्टी में जहां दिग्गज नेता अजीत जोगी और अमित जोगी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वह बार-बार आडियो टेप को फर्जी करार दे रहे हैं।  तो वहीं मामले में सीएम के दामाद के संलिप्तता की बात सामने आने पर भाजपाईयों की मुश्किलें भी बढ़ गई है। फिलहाल कुछ भी राजनैतिक बयानबाजी से खुद को बचाते नजर आ रहे हैं।

           छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सांसद रमेश बैस ने कहा कि वे कभी मुख्यमंत्री के दावेदार नहीं थे। प्रदेश को आदिवासी मुख्यमंत्री चाहित या कोई और इसका निर्णय हाईकमान को करना है। बैस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके पहले कई मामले में आडियो को प्रमाण के रूप में अस्वीकार किया है। चूंकि पहली बार स्वमोटो चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य सचिव को जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है कि जांच के बाद दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें ना तो सरकार का कोई मंत्री या नेता फसा है और ना ही भाजपा को कोई लीड़र। ऐसे में हमें इस मामले में घबराने की जरूरत नहींहै।

                   12 साल पहले मुख्यमंत्री की उम्मीद थी। क्या पीछे हटने का उन्हें कोई टीस है। सवाल का जवाब देते हुए रमेश बैस ने कहा कि मुख्यमंत्री बनाना हाईकमान का काम है। मुझे किसी प्रकार की टीस नहीं है।मुख्यमंत्री बदलाव को लेकर हमेशा से प्रश्न उठता है,क्या आप भी दावेदार हैं के सवाल पर बैस ने कहा कि इस मामले में मैं कुछ भी नहीं बोलुंगा। नंदकुमार साय के आदिवासी मुख्यमंत्री के सवाल पर बैस ने कहा कि उनके क्या विचार हैं। वह जाने । पहले भी ऐसी बाते उठी थी। बैस ने कहा कि बैस सीनियर नेता हैं उन्हें जो भी कहना है बड़े नेताओं और उचित मंच पर बोलें। आदिवासी मुख्यमंत्री होना चाहिए या नहीं।

                 रमेंश बैस ने बताया कि मैं बिलासपुर किसी राजनैतिक उद्देश्यों को लेकर नहीं आया हूं। अंत में आडिया मसले पर बैस ने कहा कि सबको जांच का इंतजार सबको करना चाहिए। रही बात कांग्रेस की तो वह आपसी लड़ाई में ही उलझे हुए हैं। ऐसे में सत्ता चलाने की बात भूल जाए। निकाय चुनाव में मिली हार पर बैस ने कहा कि इस पर मंथन किया जाएगा।

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