शिक्षकों के स्थानांतरण में कोरबा जिला चार कदम आगे, ट्रांसफर लिस्ट से लम्बी हो गई विसंगतियों की सूची

कोरबा।शिक्षको के स्थानांतरण मामले कोरबा जिला चार कदम आगे निकल गया है। चर्चा में शिक्षक बताते है कि कोरबा जिला के शिक्षकों का स्थानांतरण में काफी त्रुटियां एवं विसंगतियां है। जिससे स्पष्ट होता है कि  “स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया है।जिसका खामियाजा स्थानांतरण से पीड़ित शिक्षकों को झेलनी पड़ रही है।विसंगतियों की सूची काफी लंबी है।एकल शिक्षक को भी कार्यमुक्त कर अन्य संस्था में स्थानांतरित किया गया है। यहां तक कि शिक्षक पंचायत का भी स्थानांतरण कर दिया गया है।सीजीवालडॉटकॉम के whatsapp group से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को अधिक संख्या में शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है। जिससे कई स्कूलों में एकल शिक्षक एवं कई स्कूलों में अतिशेष की स्थिति निर्मित हो गई है

छत्तीसगढ़ पंचायत ननि शिक्षक संघ के कोरबा जिले के शिक्षक नेता मनोज चौबे ने बताया कि कोरबा जिले में हुए शिक्षको के स्थानांतरण में कई महिला शिक्षक, विकलांग एवं गंभीर बीमार से पीड़ित शिक्षकों को बिना पूर्व सूचना एवं बिना शिकायत के बिहड़ क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है ।

वही दुसरी और जरूरतमंद विकलांग शिक्षक, महिला शिक्षक, एवं गंभीर बीमार से पीड़ित शिक्षकों को स्थानांतरण से दूर रखा गया है ।जिससे शिक्षक आक्रोशित है। मनोज ने बताया पूर्व सूचना व बिना शिकायत के प्रशासनिक तबादला करना अनुचित है। प्रशासनिक  स्थानांतरण से आम शिक्षा काफी परेशान एवं आक्रोशित हैं ।जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। आम शिक्षकों का निवेदन, मांग एवं शिकायत और संघ के ज्ञापन तक रद्दी की टोकरी में डाले जा रहे है। शिक्षक व शिक्षको के परिजनों के बीच प्रशासनिक खेल का संदेश समझ से परे है।

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