सहायक शिक्षक फेडरेशन ने MLA चंद्रदेव राय की पहल का स्वागत किया..”मुख्यमंत्री और विधायक की जोड़ी पर है पूरा भरोसा”

रायपुर।शिक्षाकर्मी वर्ग-03 से, कांग्रेस की टिकट पर, बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र से, विधायक बने  चन्द्रदेव राय  के द्वारा प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मी संघो का एकता बैठक बुलाकर एक माँग के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करवाकर सभी शिक्षाकर्मीयो का 02 वर्ष में सविलियन, वर्ग 03 की वेतन विसंगति, क्रमोन्नति सहित लम्बित अनुकम्पा नियुक्ति की मांग को अविलम्ब दूर करने की जो कोशिश किये है, यह स्वागत योग्य है, हम छग सहायक शिक्षक फेडरेशन उनके इस पहल का स्वागत करते है और उम्मीद करते है कि चन्द्रदेव राय जल्द से जल्द सहायक शिक्षको की चारो माँगे पूरा कराएंगे।।सीजीवालडॉटकॉम के WhatsApp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

“फेडरेशन” के सभी प्रांतीय संयोजको ने विधायक को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बयान जारी किए है कि जहाँ विधायक राय सर जी के बैठक और मध्यस्थता का स्वागत किया वही मोर्चा के नेताओ के प्रति अविश्वास जाहिर किया है। उनका कहना है कि शिक्षाकर्मी संघो के पुराने नेता खासकर मोर्चा के नेतागण का कभी भी सहायक शिक्षको के विश्वास योग्य नही है।

इन्होंने विगत दिवस प्रदेश के 1 लाख 68 हजार शिक्षको को माँग पूरा होते तक अनिश्चित कालीन हड़ताल में झोंककर जिस प्रकार से बिना आम शिक्षाकर्मीयो से राय लिए बिना उनके इच्छा के विरुद्ध भाजपा के नेताओ से साठगांठ कर आधी रात को… रात के अंधेरे में अचानक हड़ताल वापस किये तथा बदले में विसंगति युक्त संविलियन, बिना वेतन विसंगति दूर किये सातवां वेतनमान, बिना राजपत्र प्रकाशन के संविलियन, मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करते लम्बित अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कोई पहल नही करना।

जबकि दूसरी ओर इन्ही सभी माँगो के लिए प्रदेश के 1 लाख 9 हजार सहायक शिक्षक ने फेडरेशन के बैनर तले विधानसभा चुनाव के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डाँ.रमन सिंह के खिलाफ माँगो को पूरा कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ रहे थे।तो एन उसी समय मोर्चा के नेतागण फेडरेशन के आन्दोलनन का खिलाफत करते हुए भाजपा के मुखियाओ का जिला स्तरीय, प्रदेश स्तरीय स्वागत और सम्मान समारोह आयोजित कर कांग्रेस पार्टी के सत्ता परिवर्तन की मंसूबों पर पानी फेरने को उतारू थे। ये वही मोर्चा वाले है।

जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के पहले मोर्चा के हड़ताल के समय कांग्रेस पार्टी के तत्कालिक प्रदेशाध्यक्ष श्री भूपेश बघेल जी ने शिक्षाकर्मीयो के माँगो का समर्थन करते हुए छग बन्द का ऐलान किये थे जिसका मटिया पलित करते हुए आधी रात को आंदोलन वापस लेने की अव्यवहारिक कृत्य किये और भाजपा को सत्ता में वापसी सहित कांग्रेस के विजय अभियान को रोकने का जबरदस्त प्रयास किया पर उनकी कुचेष्टा सफल नही हुआ।

दूसरी ओर फेडरेशन और लाखों सहायक शिक्षको ने न सिर्फ भाजपा के आधे अधूरे माँग पूर्ति के विरोध किये बल्कि येन चुनाव के पूर्व आंदोलन का राह पकड़ कर कांग्रेस को जबरदस्त चुनावी मुद्दा दिया, जिसे भुनाते हुए कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र के माध्यम से अपनी सरकार बनाने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त किये।

अब जबकि राज्य में कांग्रेस की जनकल्याणकारी सरकार बन गया है और कुर्मी किसान का बेटा, माटी पुत्र, माननीय भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री बन गए है तो ये मोर्चा के व वर्ग 01 व वर्ग 02 के नेता अपनी नेतागिरी चमकाने भिन्न-भिन्न माध्यमो के जरिये सरकार के हितैषी बनने की असफल कोशिश कर रहे है जो कहि भी शिक्षको के हितार्थ न होकर अपने स्वयं के चेहरे को चमकाने और अपना उल्लू सीधा करना मात्र है।

आज भी जब फेडरेशन लगातार 4 सूत्रीय मांगों के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी विभागीय मंत्री सचिव से मुलाकत करते हुए तथा वादा निभाओ जैसे क्रांतिकारी कदम उठा रहे है जिससे शासन आगामी फरवरी के वार्षिक बजट में माँगे पूरा करना चाहता है ऐसे में पुराने शिक्षाकर्मी नेता अपने जनाधार को बचाने और श्रेय लेने की खेल को अंजाम देने की कोशिश कर रहे है उनका शिक्षाकर्मीयो के माँगो से कोई लेना देना नही है।

इसीलिए फेडरेशन के प्रांतीय संयोजकगण आगामी समय में शिक्षाकर्मी से विधायक बने सम्मानीय विधायक चन्द्रदेव राय से अलग से बैठक करके उनके माध्यम से माँग को तत्काल पूरा कराने जा प्रयास करेगा पर किसी भी स्थिति में मोर्चा और वर्ग-01 और वर्ग 02 के नेताओ से न कोई बैठक करेगा और न ही भविष्य में उनको या उनके संगठनों को कोई सहयोग करेगा।

कांग्रेस विधायक राय को फेडरेशन से बात करनी चाहिए जिसमे केवल वर्ग-3 की पीड़ा है न की किसी और का। अब फेडरेशन अपने संख्या बल, अपने संकुल, जिला, सम्भाग और प्रान्त के पदाधिकारियो के बदौलत अपनी मांगों को जल्द पूरा कराएगा।
यह समाचार फेडरेशन के सभी प्रांतीय संयोजक जिसमें जाकेश साहू, शिव सारथी, रंजीत बनर्जी, सीडी भट्ट, अजय गुप्ता, बसन्त कौशिक, अश्वनी कुर्रे, छोटे लाल साहू, संकीर्तन नन्द, हुलेश चन्द्राकर, सुखनन्दन यादव ने संयुक्त रूप से जारी किया है।

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