सांसद ने कहा 4C के अनुरूप तैयार करें एअरपोर्ट..अरूण साव ने कहा..जरूरतों को करेंगे पूरा..CM से करेंगे पत्राचार..

बिलासपुर— भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय से  बिलासपुर- भोपाल के बीच  हवाई सेवा प्रारंभ करने की अनुमति दिए जाने के बाद बुधवार को सांसद अरुण साव ने बिलासपुर हवाई अड्डा चकरभाठा का निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद ने एयरपोर्ट के डायरेक्टर को 3 सी कैटेगरी लाइसेंस के लिए जरूरी बचे  कार्यों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिया। साथ ही महानगरों तक सीधी उड़ान के लिए चकरभाठा को 4 सी कैटेगरी के एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने तैयारियां प्रारंभ करने को कहा। 
 
                मंगलवार की शाम भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय ने क्षेत्रवासियों को एक बड़ी खुशखबरी दी। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि केन्द्र की मोदी सरकार की “उड़ान-सब उड़े, सब जुड़े” योजना के तहत् बिलासपुर-भोपाल-बिलासपुर रुट पर हवाई सेवा प्रारंभ करने भारत सरकार की एलायन्स एयर कंपनी को अनुमति दी गई है। इसी सिलसिले में बुधवार को चकरभाठा पहुंचकर सांसद साव ने हवाई अड्डे में चल रहे कार्यों का जायजा लिया।
 
             सांसद को एयरपोर्ट के डायरेक्टर एन.बी. सिंह ने जानकारी दी कि एयरपोर्ट अब 3 सी कैटेगरी लाइसेंस के हिसाब से लगभग तैयार हो चुका है। पूर्व में 1 करोड़  61 लाख रुपए के कार्यों का टेंडर पीडब्लूडी से निकाला गया था। इसके आधार पर लगभग 1 करोड़ 75 लाख रुपए के कार्य स्वीकृति की प्रत्याशा में पूर्ण किए जा चुके हैं। 3 सी लाइसेंस के लिए जरूरी करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए के कार्य अभी और किया जाना बाकी है।
 
                  डायरेक्टर ने सांसद को बताया कि इसके लिए प्रस्ताव पिछले माह जुलाई में राज्य शासन के एविएशन विभाग को भेजा गया था। जिसकी स्वीकृति मिलना बाकी है। श्री साव ने इसके लिए मुख्यमंत्री से पत्राचार करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान कृष्ण कुमार कौशिक, दिनेश चंद्र पाण्डेय, पेंगन  वर्मा, मनोज ठाकुर, कोमल ठाकुर, सुनील मलकानी,विनय, विनोद चावड़ा, गोविंद माझवानी, दीपक नावलानी, चंद्रभान बंजारे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
 
4 सी लाइसेंस के लिए 26 सौ मी. रनवे की जरूरत
 
          निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने सांसद  साव को बताया कि चकरभाठा एयरपोर्ट का वर्तमान रन-वे 1500 मी. का है। 4 सी कैटेगरी लाइसेंस के लिए रन-वे की लंबाई 2600 मी. और चौड़ाई 45 मीटर की शर्त है। साथ ही रात्रिकालीन उड़ानों के लिए डीवीआर समेत अन्य जरूरी उपकरण के साथ 270 यात्रियों से अधिक क्षमता वाला भवन, वेटिंग हाॅल, लाउंज, पार्किंग एरिया आदि की आवश्यकता होनी चाहिए। वर्तमान में चकरभाठा एयरपोर्ट के पास करीब 380 एकड़ जमीन है। लेकिन 4 सी कैटेगरी के अनुरूप विकसित करने के लिए करीब 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। यह जमीन सेना से लेनी होगी।
 
सीएम से करूंगा पत्राचार–अरूण साव
 
             आज चकरभाठा एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। बताया गया कि राज्य शासन से करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिलना बाकी है। जिसके कारण वर्तमान में काम बंद है। इसके लिए मुख्यमंत्री से पत्राचार करूंगा।
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...