पेंशनरों को अब 119 प्रतिशत महंगाई राहत,आदेश जारी

mantra_rprरायपुर। राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों (पेंशनरों) के लिए छह प्रतिशत महंगाई राहत की एक अतिरिक्त किश्त मंजूर करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर वित्त विभाग ने मंत्रालय (महानदी भवन) से इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आदेश के तहत पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत की दर अब 113 प्रतिशत बढ़कर 119 प्रतिशत हो जाएगी। उन्हें एक जुलाई 2015 से इसका लाभ मिलेगा। वित्त विभाग द्वारा परिपत्र के रूप में यह आदेश इस महीने की पांच तारीख को अध्यक्ष राजस्व मण्डल सहित शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को जारी कर दिया गया है।
पेंशनरों को एक जनवरी 2015 से 113 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत का भुगतान किया जा रहा था। अब उन्हें माह जुलाई 2015 की पेंशन/परिवार पेंशन (जो माह अगस्त 2015 में देय होगी) से 119 प्रतिशत की दर से इसका भुगतान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार प्रकट किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस महीने की 03 तारीख को केबिनेट की बैठक के बाद शासकीय कर्मचारियों के लिए एक जुलाई 2015 से महंगाई भत्ते की छह प्रतिशत की अतिरिक्त किश्त देने की घोषणा की थी। उन्होंने पेंशनरों की महंगाई राहत भी छह प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया था। उनके निर्देशों के अनुरूप वित्त विभाग ने 04 नवम्बर को कर्मचारियों का डी.ए. बढ़ाने का और पांच नवम्बर को पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पेंशनरों को 119 प्रतिशत की दर से यह महंगाई राहत सेवानिवृत्त, असमर्थतता और क्षतिपूर्ति पेंशन पर देय होगी। सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकार किए अनुकम्पा भत्ते पर भी इस महंगाई राहत की पात्रता होगी तथा परिवार पेंशन और असाधारण पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को भी यह महंगाई राहत वित्त विभाग के पांच अक्टूबर 1976 के प्रावधानों के तहत देय होगी। ऐसे मामलों में जहां पेंशन अथवा परिवार पेंशन भोगी राज्य शासन या किसी स्वशासी संस्था में नियुक्त अथवा पुनर्नियुक्त है, वहां पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। कोई व्यक्ति यदि उसके पति अथवा पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकम्पा के आधार पर सेवा में नहीं रखा गया है तो परिवार पेंशन पर उसे महंगाई राहत की पात्रता होगी।
परिपत्र में बताया गया है कि यदि किसी व्यक्ति को अनुकम्पा नियुक्ति के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामलों में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। यह आदेश राज्य सरकार के ऐसे पेंशनरों पर भी लागू होगा, जिन्होंने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है, उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन पर देय होगी। ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस आदेश का लाभ मिलेगा, जिन्होंने विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, स्वशासी संस्थाओं और निगम-मण्डलों में आदि में संविलियन पर एक मुश्त राशि आहरित की है और जो वित्त विभाग के पांच जून 2007 के आदेश के तहत पेंशन के एक तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र हो गए हैं।

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