नेता पर बरसे अमित..नार्को टेस्ट की मांग..संगठन बनाने का दिया संकेत

IMG_20160102_134543बिलासपुर– आडिय़ो टेप मामले में आज मरवाही विधायक अमित जोगी ने  अपने निवास पर पत्रवार्ता में कहा कि जिनका टेप में जिक्र है या फिर नाम आया है उनका नार्को टेस्ट किया जाए। मै नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं। आडियो टेप से जाहिर हो गया है कि कुछ लोग मेरे परिवार को केन्द्र में रखकर गहरी साजिश कर रहे हैं। मरवाही विधायक ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस गहरी साजिश के पीछे प्रदेश संगठन और कुछ जिम्मेदार कांग्रेसी नेताओ को निशाना बनाते हुए कहा कि यह लोग आदिवासी और दलित समाज को आगे बढने से रोक रहे हैं। इस दौरान जोगी ने आडियो को सार्वजनिक करने से पहले उन्हें भेजे गए मोबाइल मेसेज के प्रिंट खबरनवीशों के बीच बांटा। उन्होने कहा कि कोई बीबी नाम का व्यक्ति उनके राजनैतिक कैरियर को खत्म करना चाहता है। बीबी कौन है..संगठन का आदमी है या बाहर का..इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बातों ही बातों में खुद को संगठन का जिम्मेदार सिपाही बताने वाले अमित जोगी ने प्रदेश संगठन प्रमुख को आडे हाथ लेते हुए नए संगठन की ओर इशारा भी किया।

                                         आडियो टेप का मामला धीरे-धीरे गरमाता जा रहा है। आज मरवाही सदन में मरवाही विधायक अमित जोगी ने पत्रकारों से सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आडियो टेप जारी होने से पहले मुझे मोबाइल मैसेज और बातचीत के जरिए ब्लैकमेलिंग किया जा रहा था। जब मैने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो गहरी साजिश के तहत उन्हें और उनके परिवार को आडियो टेप जारी कर फंसाया जा रहा है। जोगी ने बताया कि आडियो टेप जारी होते ही प्रदेश संगठन और नेता ने शो काज नोटिस थमा दिया। जिसका राष्ट्रीय संगठन आलोचना भी की है। बातों ही बातों में प्रदेश नेतृत्व पर सवालिया निशान उठाते हुए जोगी ने कहा कि संगठन का नेतृत्व और कुछ नेता उनके जनाधार से विचलित हैं। इसलिए उन्हें शो काज नोटिस दिया गया है।

         अजित जोगी ने बताया कि टेप में मेरे और मेरे पिताजी समेत 4 अन्य लोगों की आवाज़ होने की आवाज बताई जा रही है। ऑडियो टेप  के आधार पर हम  पर जो आरोप लगे है उसकी सत्यता के विषय में बिना जांच के कुछ भी नही कहा जा सकता।  इसमें तथाकथित रूप से मेरी और मेरे पिताजी की आवाज़ का होना बताया गया है, वह फ़र्ज़ी हैं। टेप को टेक्नोलॉजी के सहारे जोड़ और मरोड़ कर षड्यंत्र के तहत बनाया गया है।

                             आडियो वायरल होते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिम्मेदार नेता ने सच सामने आने का भी इंतज़ार नहीं किया।  द्वेष की भावना से पुलिस और कोर्ट बनकर मेरे खिलाफ फैसला सुना दिया। प्रदेश संगठन पर निशाना साधते हुए अमित ने कहा कि इस तत्परता के पीछे एक स्क्रिप्ट है और उसी के  अनुसार किरदार अपनी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। एक चुने हुए जन प्रतिनिधि का पक्ष सुने बिना दोषी ठहरा दिया गया है ।

मेरे संबध नहीं

IMG_20160102_134532              अमित जोगी ने बताया कि फिरोज सिद्दकी सजायाफ्ता व्यक्ति है उससे मेरा या मेरे परिवार से संबध होने का सवाल ही नहीं उठता है। जैसा कि उसे अजित जोगी का नजदीकी बताया जा रहा है। ऐसा क्या हुआ कि एक “ब्लैकमेलर” को हमारे प्रदेश के नेता ने सच के मसीहा राजा हरिशचंद्र मान लिया, इसने तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और स्वर्गीय नंद कुमार पटेल समेत कई कांग्रेस के नेताओं पर भी घोर आपत्ति जनक  लेख प्रकाशित किए है। ऐसी स्तरहीन बातो को मैं अपने मुंह से बोल नहीं सकता।  इन सबकी कापी दे रहा हूं ।

               अंतागढ् प्रकरण के दौरान फिरोज ने सीधे सीधेजिन नेताओं पर आरोप लगाया था, तब उसकी बातों  पर विश्वास नही किया गया अब क्यों किया जा रहा है। मेसेज के जरिए मुझसे किताब की मांग की गयी। साथ ही यह भी संदेश दिया गया कि यदि बीबी तक किताब नहीं पहुंचा तो मेरा नुकसान हो सकता है। सीडी को सार्वजनिक किया जा सकता है।

किताब के सवाल पर उलझे जोगी

                किताब का मतलब क्या होता है और बीबी कौन है के सवाल पर अमित जोगी ने कहा कि बीबी और किताब का अर्थ मुझे नहीं पता। किताब के लिए ब्लैक मेलिंग शब्द का क्या अर्थ निकाला जाए के सवाल पर अमित जोगी लड़खड़ाते नजर आए। अंत तक उन्होने स्पष्ट नहीं किया कि किताब का अर्थ खोखा होता है पेटी, या फिर इसका अर्थ कुछ और होता है जो हमें नहीं पता। जोगी ने बस यही कहा कि किताब का अर्थ उन्हें भी नहीं पता। पत्रकारों ने फिर पूछा कि ऐसे में ब्लैक मेलिंग शब्द का उपयोग क्यों किया जा रहा है। बावजूद इसके जोगी ने ना तो बीबी का अर्थ ही बताया और ना ही किताब का मतलब ।

जोगी के साथ ही विवाद क्यों

              हर बार विवादों के केन्द्र में जोगी परिवार ही क्यों रहता है के सवाल पर अमित जोगी ने कहा कि मुझे लगता है कि जोगी परिवार का प्रदेश में बड़ा जनाधार है। ऐसा इसलिए होता है। इस मौके पर जग्गी हत्याकाण्ड से लेकर वर्तमान स्थिति पर हर विवाद में अमित और अजित जोगी का शामिल होने का क्या अर्थ है के सवाल पर अमित ने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इस मौके पर उन्होने संघटन के किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं देते हुए कहा कि मै कांग्रेस का इमानदार कार्यकर्ता हूं। लेकिन बातों ही बातों में संगठन बनाने का संकेत जरूर दे दिया। उन्होंने कहा कि हमारा जनाधार है। कहीं भी किसी भी गांव में दाल भात खाकर काम करेंगे। लेकिन अन्याय बर्दास्त नहीं करेंगे। जांच हो रही है। बीबी और किताब दोनो का अर्थ सबके सामने आ जाएगा।

                        पत्रवार्ता के दौरान अमित जोगी ने परोक्ष रूप से बीबी का अर्थ नहीं बताते हुए प्रदेश संगठन के नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा। साथ ही संगठन बड़े नेताओं और आडियो में आए नाम के सभी व्यक्तियों की नार्को टेस्ट कराये जाने की मांग अमित जोगी ने की।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...