सुरक्षा पर भारी कांग्रेस की तैयारी…मंत्री बंगले में फेंक दिया कचरा..ताकती रह गयी पुलिस…धरी रह गयी VIP सुरक्षा

बिलासपुर–पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस भवन से सैकड़ों की संख्या में झण्डा और कचरा लेकर कांग्रेसी नेता मंत्री के बंगले में कचरा फेंकने निकले। हमेशा की तरह पुलिस ने मंत्री बंगले के दोनों तरफ मजबूत बेरिकेट लगाया। लेकिन बेरिकेट किसी काम नहीं आया। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी ना केवल मंत्री के बंगले तक पहुंचने में कामयाब हुए। बल्कि दस बोरा कचरा भी फेंका। कचरे में पत्ता,सीमेन्ट,धूल समेत बहुत कुछ था। जब तक पुलिस मौके पर पहुंंचती कांग्रेसी अपना काम कर चुके थे। मतलब बंगले में कचरा फेंक चुके थे। इतना ही नहीं कचरा फेंकने के बाद सैकड़ों कांग्रेसी मंत्री के गेट पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी भी की। मौके पर पहुंचे दो चार पुलिस जवान समझाते रहे लेकिन कांग्रेस नेता चुप नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेसी खुद ही कांग्रेस भवन की तरफ रवाना हो गए। व्यवस्था फेल होने से मायूस एडिश्नल एसपी सब कुछ देखते रह गए। और कांग्रेसियों को गिरफ्तार करने की वजाय जाने दिया। क्योंकि उनका मंसूबा कुछ और ही था। या यू कहे कि वह इतिहास को दुहराने की फिराक में थे।

                           पुलिस की भारी सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर कांग्रेसी..मंत्री के बंगले में कचरा फेंकने में कामयाब हुए। मालूम हो कि कछार में एक दिन पहले निकाय मंत्री ने उद्घाटन के बाद कहा  था कि 60 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही। लेकिन कचरा मैनेजमेन्ट की तरफ ध्यान नहीं दिया। देश को कांग्रेस ने कचरा बना दिया। सफाई भारतीय जनता पार्टी सरकार कर रही है। मंत्री के बयान के बाद कांग्रेसियों ने तीखी आलोचना की। इसके अलावा आज मंत्री के बंगले में कचरा फेंकने का एलान किया था। उसी तारतम्य में आज कांग्रेसी कचरा फेंकने मंत्री के बंगले में गए।

                 पुलिस ने कांग्रेसियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर  मंत्री के बंगले की दोनों तरफ सड़कों को आवागमन के लिए रोका। बेरिकेट्स लगाकर कांग्रेसियों के मंत्री के बंगले तक पहुंचने की संभावनाओं पर पूरी तरह से विराम लगा दिया। बावजूद इसके सैकंड़ों की संख्या में कांग्रेसी कचरा लेकर ना केवल मंत्री के बंगले तक पहुंचे.. बल्कि बंगले में कचरा भी फेंका। इस दौरान कांग्रेसियों ने नारेबाजी की। बाद में गिनती के कुछ पुलिस जवान मौके पर पहुंचे। कांग्रेसी भी वहा से रवाना हो गए। गिरफ्तारी की मांग की। लेकिन एडिश्नल एसपी ने गिरफ्तार करने से मना कर दिया।

वाकी टाकी पर व्यस्त रहे एडिश्नल एसपी  

               जब कांग्रेस मंत्री के बंगले में कचरा फेंकने पहुंचे तो एडिश्नल एसपी नीरज चन्द्राकर वाकी टाकी पर व्यस्त रहे। इसके पहले उन्होने खुद बताया कि कांग्रेसी..मंत्री के बंगले तक नहीं पहुंच सकते। बावजूद इसके कांग्रेसी अपने मंसूबों पर कामयाब रहे।

नहीं किया गिरफ्तार

            कचरा फेंकने के बाद कांग्रेसियों ने गिरफ्तारी देने की मांग की। लेकिन नीरज चन्द्राकर ने गिरफ्तार करने से मना कर दिया। बाद में कांग्रेसियों को गिरफ्तार करने नीरज चन्द्राकर दल बल समेत कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए।

मंत्री बंगले की सुरक्षा में भारी चूक

               सवाल उठता है कि जब पुलिस मंत्री के बंगले की सुरक्षा में नाकामयाब हो गयी हो ऐसे में जनता की सुरक्षा किस तरह करेगी। आंदोलन के बाद पूरे समय तक यही चर्चा का विषय रहा। कई पुलिस जवान और अधिकारी आपस में एडिश्नल एसपी की व्यवस्था को लेकर उंगलियां भी उठाते सुने गए। कांग्रेसियों ने आश्चर्य जाहिर किया कि वे लोग मंत्री के बंगले में कचरा फेंकने को कैसे कामयाब हो गए। फिलहाल यह जांच का विषय है कि मंत्री की सुरक्षा की कमान जिस अधिकारी को दिया गया क्या वह भविष्य में किसी व्हीआईपी सुरक्षा के काबिल हो सकता है। फिलहाल यह चर्चा का विषय कुछ दिनों तक नगर में बना रहेगा।

उठने लगी कार्रवाई की मांग

         इधर भाजपा के कुछ बड़े नेताओं ने एडिश्नल एसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही कांग्रेसियों पर भी निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि नीरज चन्द्राकर जैसे नाकाबिल अधिकारी को पुलिस से निकालना ही बेहतर होगा। यह जानते हुए भी कि कांग्रेसियों ने मंत्री के बंगले का घेराव का एलान एक दिन पहले किया। बावजूद अधिकारी सुरक्षा देने में नाकामयाब साबित हुआ। भारी सुरक्षा के बाद भी कांग्रेसी मंत्री के बंगले तक पहुंंचने में कामयाब कैसे हो गए। संभव यह भी था कि कोई दुर्घटना भी हो सकती थी। बेहतर होगा कि ऐसे अधिकारी को फौरन पुलिस से निकाला जाए। क्योंकि वह बात ज्यादा काम कम करता है। जब मंत्री सुरक्षित नहीं है तो जनता कैसे सुरक्षित रहेगी।

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