VIDEO:लाठीचार्जःभूपेश का सनसनीखेज आरोप…कांग्रेस नेताओं को मारने की साजिश,कहा-हाईकोर्ट सिटिंग जज करें मामले की जांच

बिलासपुर— भारतीय राजनीति की इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी राजनैतिक दल के कार्यालय में घुसकर पुलिस ने नेताओं से मारपीट की है। पुलिस ने मंत्री अमर और मुख्यमंत्री रमन के इशारे पर कांग्रेस नेताओं को चुनचुनकर निशाना बनाया है। पांच साल पहले इसी सरकार ने झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या करवाई। आज बिलासपुर में कांग्रेस कार्यालय में घुसकर नेताओं के हत्या का प्रयास किया गया। यह जानबूझकर किया गया। यह बातें भूपेश बघेल ने पत्रकारों से सिम्स में कही। भूपेश बघेल ने कहा कांग्रेस नेताओं पर कांग्रेस कार्यालय में घुसकर लाठीचार्ज किया गया। जिस अधिकारी ने ऐसा करवाया उसका काल डिटेल निकाला जाए। हमें शक है कि लाठीचार्ज मुख्यमंत्री और स्थानीय मंत्री के इशारे पर किया गया है। कांग्रेस कार्यालय में घुसकर पुलिस लाठीचार्ज घटना के बाद भूपेश बघेल बिलासपुर पहुंचे। उन्होने सबसे पहले सिम्स पहुंचकर प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव,विष्णु यादव,समेत वरिष्ट महिला नेत्री और अन्य काग्रेस के घायल नेताओं से बातचीत की। करीब एक दर्जन घायल कांग्रेस नेताओं से मिलने के बाद भूपेश बघेल पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होने घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और स्थानीय मंत्री अमर अग्रवाल को जिम्मेदार ठहराया।

          सवालों के जवाब में भूपेश ने कहा कि राजनैतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी राजनैतिक पार्टी के कार्यालय में घुसकर नेताओं पर जानलेवा पुलिस कार्रवाई की गयी। कांग्रेस नेताओं को पटक पटक कर मारा गया। बेदम मारा गया। महिला नेत्रियों को भी पीटा गया। भूपेश ने बताया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा सरकार इसी तरह का काम करती है। पिछली बार झीरम में कांग्रेस के नेताओं को मौत के घाट उतारा गया। आज कांग्रेस कार्यालय में ऐसा ही कुछ देखने को मिला। पुलिस पार्टी कार्यालय में घुसकर और बाहर निकालकर कांग्रेस नेताओं को बेदम पीटा। अटल श्रीवास्तव के सिर पर मारा गया। कई नेताओं के हाथ पैर भी टूट गए। वरिष्ठ महिला नेत्रियों की कमर में चोट आयी है।

                               भूपेश ने बताया कि पुलिस की हिम्मत नहीं कि पार्टी कार्यालय में घुसकर इस प्रकार की कार्रवाई करे। मंत्री और मुख्यमंत्री के इशारे के बिना ऐसा संभव नहीं है। पुलिस अधिकारी का काल डिटेल निकाला जाए। हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अगुवाई में मामले की जांच हो। काल डिटेल की छानबीन हो। इसके पहले पुलिस अधिकारी को बर्खास्त किया जाए। लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हो। दोषियों को बर्खास्त किया जाए।

       एक सवाल के जवाब में भूपेश ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कार्यालय में घुसकर जान से मारने का प्रयास किया गया। घटना के बाद डीजीपी से मिला। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की उन्हें जानकारी नहीं है। जानकारी मिली है कि पुलिस अधिकारी ने कहा कि लाठीचार्ज का आदेश ऊपर से था। ऊपर का मतलब मंत्री और मुख्यमंत्री हैं। इनके खिलाफ भी चार्जशीट में नाम जोड़ा जाए।काल डिटेल निकाला जाए कि आखिर कांग्रेस भवन में घुसकर लाठीचार्ज करने और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने का किसने आदेश दिया था।

              भूपेश ने बताया कि घटना क्रम में वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत होगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई को लेकर कदम उठाया जाएगा।

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