चुनाव में हार के बाद…एल्डरमैन महेश और मनीष का इस्तीफा…कहा..ना गलत किए..और ना करने देंगे

बिलासपुर—  करारी हार के बाद विभिन्न पदों पर मनोनित भाजपा नेताओं ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। एक दिन पहले नगर निंगम बिलासपुर कांग्रेस पार्षद प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल ने बयान  जारी कर भाजपा एल्डरमैनों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की थी। खबर के बाद आज भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश चन्द्रिकापुरे और मनीष जायसवाल ने कलेक्टर को पद से इस्तीफा पत्र सौंप दिया है। दोनों नेताओं ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल की हार के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एल्डरमैन पद से इस्तीफा देते हैं।
                              एल्डरमैन महेश चन्द्रिकापुरे और मनीष अग्रवाल ने बताया कि निकाय मंत्रालय की अनुशंसा पर एल्डरमैन पद की जिम्मेदारी दी गयी थी। मनोनयन के बाद अमर अग्रवाल ने जनता की सेवा का अवसर दिया। विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार की हार हुई है। बिलासपुर प्रत्याशी को भी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसी सूरत में हमें एल्डरमैन पद पर रहने का अधिकार नहीं है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देते हैं।
              दोनों नेताओ ने कहा कि कांग्रेसियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले पहले अपनी गिरेबान झांके। भाजपा सरकार ने हमेशा राग द्वेष जांति पाति लाभ हानि से ऊपर उठकर जनता की सेवा की है। चूंकि जनता ने हमारे प्रत्याशी को नहीं जिताया। ऐसे में हमने नैतिक जिम्मेदारी लेकर पद त्याग का फैसला किया है। बावजूद इसके हमं जनता के हित में हमेशा काम करेंगे। कांग्रेसियों को गलत काम करने भी नहीं देंगे।
एल्डरमैन इस्तीफा देने का पहला मामला
                 मनीष औ महेश चन्द्रिकापुरे ने  जिला कलेक्टर कार्यालय को इस्तीफा देने के बाद बताया कि हमें पद से नहीं..जनता की सेवा से मतलब है। जब जनता ने हमें नकार दिया है। तो पद पर काबिज रहने का हमारा नैतिक अधिकार भी नहीं है। यह पहला अवसर होगा कि सरकार जाने के बाद एल्डरमैन ने इस्तीफा दिया है। इस तरह की स्वच्छ परम्परा को आने वाले समय में बनाकर रखा जाएगा। यदि कांग्रेसी जनता के खिलाफ कुछ भी कदम उठाती है तो उसका विरोध किया जाएगा।

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