बिलासपुर को अतिरिक्त थानों की जरूरत…IPS विजय ने बताया…मंगला,राजकिशोर नगर के लिए भेजा गया प्रस्ताव.

बिलासपुर— रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि मैं भी एक सामान्य छत्तीसगढ़िया परिवार से हूं। रायपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की। रायपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तैयारी करने भोपाल गया। पीएससी परीक्षा के बाद चयन डीएसपी पद के लिए हुआ। पहली पोस्टिंंग बैतूल में हुई। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से होकर आज बिलासपुर की सेवा कर रहा हूं।हर शहर की अपनी चुनौती होती है। बिलासपुर में भी यातायात चुनौती है। लेकिन पुलिस कप्तान के प्रयास से बहुत कुछ अच्छा किया जा रहा है। साइबर क्राइम पर आईपीएस विजय अग्रवाल ने चिंता जाहिर की। उन्होने बताया कि पुलिस का काम ही शांति और कानून व्यवस्था को बनाकर रखना है।
                             पहुना कार्यक्रम में पत्रकारों से आईपीेएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल रूबरू हुए। इस दौरान विजय अग्रवाल ने अपनी शिक्षा दीक्षा, पुलिस की नौकरी समेत जीवन से जुड़ी अन्य गतिविधियों को साझा किया। विजय अग्रवाल ने बताया कि रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र हूं। प्रारम्भिक और उच्च शिक्षा के बाद तैयारी करने भोपाल चला गया। बैंक परीक्षा की तैयारी के दौरान पीएससी भी दिया। पहले ही प्रयास में डीएसपी के लिए चयनित हुआ। पहली पोस्टिंग बैतुल में हुई। इसके बाद अविभाजित मध्यप्रदेश के कई जिलों में सेवा करने का अवसर मिला।
          अग्रवाल ने बताया कि राज्य बनने के बाद एडिशनल एसपी के तौर पर दंतेवाड़ा जैसे नक्सली जिले में सेवा करने का अवसर मिला। इसके अलावा कवर्धा से लेकर कमोबेश प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में पोस्टिंग हुई। अब बिलासपुर की जनता के साथ रहने का सौभाग्य मिला है। सवाल जवाब के दौरान एएसपी ने बताया कि किसी भी शहर के लिए आदतन अपराधी चिंता के विषय होते हैं। इनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाना ही पुलिस का काम है। आदतन अपराधी पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती होते हैं। पुलिस का हमेशा प्रयास रहता कि ऐसे अपराधियों को ना केवल सजा मिले। बल्कि उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा भी जाए।
           नक्सल समस्या के सवाल पर विजय ने कहा इसके लिए कई कारण जिम्मेदार है। किसी एक कारण को नहीं गिनाया जा सकता है। विकास भी इसमें से एक है। निश्चित रूप से नक्सल क्षेत्रों का भी विकास हुआ है। अन्यथा आज हम बस्तर,सुकमा समेत अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी से दूर होते। ऐसे क्षेत्रों में पुलिस मजबूती के साथ पहुंंच चुकी है।
                 विजय अग्रवाल के अनुसार पुलिस जनसेवा का दूसरा नाम है। वर्तमान पुलिस कप्तान आरिफ शेख का भरसक प्रयास है कि पुलिस और पब्लिक के बीच जीवन्त और स्वस्थ्य संवाद हो। पुलिस आम जनता के साथ मित्रवत संबध बनाए..दूरियां कम हो। इससे ना केवल अपराध में कमी आती है। बल्कि अपराधियों तक पहुंंचने में भी आसानी होती है।
    एक सवाल के जवाब में एडिश्नल एसपी ने कहा कि पुलिस को हर पल के लिए तैयार रहना होता है। आज यहां तो कल कहीं होना पड़ता है। यह चुनौती हमेशा से रही है। चुनौतियों का सामना करने का एक मात्र मंत्र अनुभव और धैर्य है। उन्होने बताया कि जरूरी नहीं कि दो स्थान पर एक ही प्रकार का अपराध हुआ हो..और उसे सुलझाने का मंत्र भी एक हो। दरअसल स्थान के अनुसार समस्याएं भी अलग होती हैं। ऐसे मामले में पुलिस का हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। और परिणाम तक पहुंचना होता है।
                       विजय अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट पुलिसिंग की आवश्यकता है। हमारे यहां एक्सपर्ट सिस्टम थोड़ा कमजोर है। एक ही व्यक्ति सभी मामलों में एक्सपर्ट नहीं हो सकता है। किसी हद तक सभी लोग सब काम कर सकते हैं। लेकिन विशेषज्ञ कोई एक ही होता है। इससे अपराध की गुत्थी सुलझाने में आसानी होती है। इस दिशा में पुलिस कप्तान लगातार प्रयास भी कर रहे हैं। योग्य लोगों को अभिरूची के अनुसार उनके स्थान पर पहुंचाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इस दौरान विजय अग्रवाल ने तमाम अनुभवों को भी साझा किया।
            एक सवाल के जवाब में उन्होने बताया कि बिलासपुर में अभी पर्याप्त थाने की जरूरत है। पुलिस प्रशासन ने शासन से सरकण्डा क्षेत्र में खमतराई और राजकिशोर नगर क्षेत्र में थाना बनाने की माग की है। इसके अलावा सिविल लाइन से मंगला थाना बानने का प्रस्ताव भेजा है। इस दौरान प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार भी मौजूद थे।

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