यूएफबीयू का फैसला…प्रस्तावित प्रदर्शन को किया स्थगित…ललित ने कहा…संगठन जनभावनाओं के साथ

बिलासपुर—यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। यूनाइटेड पोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के संयोजक ललित अग्रवाल ने बताया कि संगठन ने विरोध प्रदर्शन स्थगन का फैसला पुलवामा त्रासदी आतंकी हमले के बाद लिया है।
                      यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स संयोजक ललित अग्रवाल ने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले से देशवासियों में आक्रोश है। देश का एक एक नागरिक को शहीद जावनों की शहादत पर गर्व है। लेकिन आंतकियों के प्रति गहरी नाराजगी भी है। पुलवामा हादसे के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने फैसला किया है कि मांगों को लेकर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है।
                    ललित ने बताया कि भारतीय बैंक संघ यानि आईबीए और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मतलब यूएफबीयू  के मध्य परिवर्तनशील वेतन को लेकर मतभेद है। 1 नवम्बर 2017 से देय 11 वे वेतन समझौते में परिवर्तनशील वेतन के साथ पांच साल में मात्र 10% वृद्धि का प्रस्ताव से यूएफबीयू में नाराजगी है। फरवरी 2019 के प्रत्येक बुधवार को सारे देश मे केंद्र सरकार और आईबीए के विरोध में प्रदर्शन की कड़ी में 20 फरवरी को तीसरा प्रदर्शन प्रस्तावित है।
                                   14 फरवरी को पुलवामा त्रासदी में  बहादुर सेनानियों के बलिदान से पूरा देश व्यथित हैं। संवेदनशील संगठन के पदाधिकारी और जिम्मेदार नागरिक होने के कारण यूएफबीयू की बिलासपुर इकाई ने यानि 20 फरवरी 2019 दिन बुधवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया हैं।

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