समर कैंप का विरोध, प्रमुख सचिव से मिला शालेय शिक्षा कर्मी संघ

रायपुर।इस तपती गर्मी में जहां छग का तापमान 42 से 47 डिग्री सेल्शियस तक चढ़ जाता है,जिसके कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधारणा बनी, ताकि विद्यार्थियों के जीवन व स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो, ऐसे में राज्य परियोजना अधिकारी द्वारा जारी किए इस ग्रीष्मावकाश के पूरे 45 दिन तक समर कैम्प अनिवार्यतः संचालित करने के अव्यवहारिक आदेश का चौतरफा विरोध किया जा रहा है।सीजीवालडॉटकॉम के Whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

शालेय शिक्षाकर्मी ने इसे अव्यवहारिक और अवांछनीय बताते हुए आज गौरव द्विवेदी,प्रमुख सचिव,स्कूल शिक्षा विभाग छग शासन से मिलकर कड़ा विरोध दर्ज किया और समर कैम्प के इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल आज मंत्रालय और लोक शिक्षण संचालनालय के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर समर कैम्प को बन्द करने हेतु ज्ञापन सौंपा, जिसके परिणाम जल्द ही प्राप्त होंगे।

ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 मई से 15 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित करते हुए, इस अवधि में स्कूल खोलने पर कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिया था, वहीँ राज्य परियोजना कार्यालय ने उक्त आदेश को अधिक्रमित करते हुए समस्त कलेक्टरों के माध्यम से जिलाशिक्षाधिकारीयो को आदेशित किया गया है कि वे अनिवार्यतः समस्त प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में समर कैम्प का आयोजन करे।जिसका अब चौतरफा विरोध होने लगा है।

प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने उम्मीद जताई है कि शासन संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस आदेश को निरस्त करने की ओर अवश्य कदम उठाएगा, और प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य और स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नही करेगा। शालेय शिक्षाकर्मी संघ प्रदेश के समस्त बच्चों व शिक्षकों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।

शालेय शिक्षाकर्मी संघ द्वारा प्रतिनिधिमण्डल में धर्मेश शर्मा महासचिव, चन्द्रशेखर तिवारी,डॉ सांत्वना ठाकुर सुनील सिंग,विष्णु शर्मा,जितेंद्र शर्मा, सत्येन्द्र सिंह, दीपक वेंताल, दिनेश राजपूत, हिमन कोर्राम, प्रह्लाद जैन, सर्वजीत पाठक, यादवेन्द्र दुबे,विवेक शर्मा,भानुप्रताप डहरिया,सर्वेश शर्मा,प्रदीप पांडेय,राजेश यादव,कृष्णराज पांडेय, भूपेंद्र ध्रुवंशी आदि सम्मलित थे।

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