नाराज लोगों ने कहा..अब हम हटाएंगे शराब दुकान…शासन ने किया मजबूर..तो नशेड़ियों ने निकलना किया मुश्किल

बिलासपुर—शंकरनगर,हेमुनगर,गणेशनगर नागरिक संघर्ष समिति ने एक साथ आज कलेक्टर कार्यालय में धावा बोला। समिति के सदस्यों ने कहा कि हमें चुचुहियापारा शराब भट्ठी हटाने के अलावा कोई शर्त मंजूर नहीं है। शराब भठ्ठी का विरोध करने पहुंचे लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 55 सालों से  शराब भठ्ठी का संचालन किया जा रहा । एक समय यहां की आबादी बहुत कम थी। जाहिर सी बात है कि लोगों को तात्कालीन समय शराब भठ्ठी को लेकर ज्यादा विरोध नहीं था। आज की स्थिति में शराब भठ्ठी को लेकर जबदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। शराब दुकान बिलकुल सड़क पर है। आने जाने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं और बच्चियों का तो निकलना मुश्किल हो गया है। यदि उनकी मांगो को गंभीरता से नहीं लिया गया तो ना केवल उग्र आंदोलन निजी प्रयास से शराब दुकान हटाने का निर्णय लिया जाएगा।

                              हेमुनगर,शंकरनगर,गणेशनगर की अच्छी खासी संख्या में महिला और पुरूषों ने कलेक्टर कार्यालय में धावा बोला। लोगों ने बताया कि चुचुहियापारा स्थित शराब को जल्द से जल्द हटाया जाए। होते शाम नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। महिलाओ और बच्चियों का निकलना मुश्किल हो जाता है। सकरी सड़क होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन शराब दुकान के सामने और सड़क पर मारपीट की स्थिति देखने को मिलती है।

             विरोध करने वालों ने बताया कि शराब दुकान से लगा हुआ उच्च विद्यालय है। शंकरनगर,गणेश नगर और हेमुनगर के करीब पांच सौ से अधिक छात्र छात्राओं का आना जाना होता है। शराबी लोग आए बच्चियों पर आए दिन गंदी अश्लील बातें करते हैं। सड़क से गुजरने पर महिलाओं को हमेशा डर का सामना करना पड़ता है। शराब दुकान के सामने सड़क गुजरती है। यह सड़क पचास हजार जनसंख्या के अस्पताल और स्टेशन का मुख्य मार्ग है। इसी सड़क से सरकारी कर्मचारियों का निकलना होता है। व्यापारी लोग भी यहां से गुजरते हैं। शराबियों के डर के चलते उन्हें भारी परेशानी होती है।

                             डिप्टी कलेक्टर अवधराम टंडन को अपनी परेशानियों की लिखित में देते हुए विरोध करने वालों ने बताया कि 31 जनवरी 2019 को कलेक्टर से मामले की जानकारी लिखित में दी गयी थी। बावजूद इसके शराब दुकान को नहीं हटाया गया। नाराज महिला और पुरुषों ने कहा कि यदि उनकी शिकायत को अब गंभीरता से नहीं लिया गया तो हम लोग मिलकर शराब दुकान हटा लेंगे। इसके लिए केवल और केवल जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।

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