अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज जीरो इयर घोषित करने से होगा नुकसान,टी एस सिंहदेव ने केन्द्रीय मंत्री को दिया ब्यौरा

रायपुर।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से नई दिल्ली में मुलाकात कर अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आगामी सत्र को जीरो ईयर घोषित करने के निर्णय पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग लोगों के इलाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए वहां सभी सुविधाएं जुटाने के लिए तेजी से काम कर रही है।

मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक और संचालक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले भी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में बेहतर अधोसंरचना और सुविधाएं मुहैया कराने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा विगत अप्रैल माह में निरीक्षण के दौरान फैकल्टी की कमी 26.17 प्रतिशत पायी गई थी, जो नए विशेषज्ञों की नियुक्ति के बाद अब 17.52 प्रतिशत पर आ गई है।

इसी प्रकार नई भर्तियां कर रेसीडेंट स्टॉफ की 18.51 प्रतिशत कमी को अब 14.82 प्रतिशत पर ला लिया गया है। मेडिकल कॉलेज में सर्वसुविधायुक्त दो बड़े लेक्चर हॉलों और अस्पताल में एक लेक्चर हॉल का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

लाइब्रेरी में इंटरनेट सहित अन्य सुविधाएं भी जुटा ली गई हैं। लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता हटते ही 126 स्टॉफ नर्सों और 67 नॉन-टीचिंग स्टॉफ की भी नियुक्ति की गई है।

श्री सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने नए मेडिकल कॉलेज परिसर के निर्माण के लिए 374 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इसमें से 94 करोड़ रूपए सरकार ने जारी भी कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के नए भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। अधोसंरचना निर्माण, उपकरणों और फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी चालू वित्तीय वर्ष में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है।

मेडिकल कॉलेज में जीरो ईयर घोषित होने के नुकसान के बारे में श्री सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि अंबिकापुर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। इसके आसपास सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर और सूरजपुर जिले में आदिवासियों की बड़ी आबादी निवास करती है। वहां 300 किलोमीटर की परिधि में गंभीर रोगों के इलाज के लिए इसके अलावा और कोई अस्पताल नहीं है। स्थानीय गरीब आदिवासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा हेतु यह मेडिकल कॉलेज उम्मीद की एक बड़ी किरण है।

श्री सिंहदेव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए संसाधन जुटाने की दिशा में राज्य सरकार की कोशिशों को रेखांकित करते हुए जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग के सचिव सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक और मेडिकल कॉलेज के डीन ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर वहां की कमियों को शीघ्र दूर करने तथा मानकों के अनुरूप सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से एमबीबीएस की 100 सीटों वाले अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को आगामी सत्र में जीरो ईयर घोषित करने के निर्णय पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।

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