कांग्रेसियों को किसने कहा फोटो वाले नेता…गृहमंत्री से पूछा बताएं कितना किया विकास…जाकर देखें..नरवा घुरवा में गिरा है औंधे मुंह

बिलासपुर….. एक बार फिर दावा आपत्ती करने वालों का कलेक्टर कार्यालय में जमावड़ा देखने को मिला। सकरी नगरपंचायत,तिफरा नगरपालिका, सिरगिट्टी नगर पंचायत, परसदा, उस्लापुर, समेत आस पास के गांवों के प्रतिनिधियों ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अगुवाई में रैली निकालकर निगम सीमा विस्तार का विरोध किया। धरमलाल ने बताया कि एक तरफ सरकार ग्रामीण अवधारणा की बात करती है। दूसरी तरफ ग्रामीणों के अधिकारों को निगम मे शामिल कर परेशान करने की व्यवस्था भी कर रही है। बेशक निगम विस्तार के प्रस्ताव को हमने ही लाया। लेकिन रायशुमारी में सामने आया कि ऐसा करना उचित नहीं होगा। इसलिए 29 गांवों को निगम में शामिल नहीं किया गया। भूपेश सरकार की करनी और कथनी में बहुत अंतर है। निगम विस्तार के बाद ग्रामीण जन जीवन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। दलाली के साथ आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

                              विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता धरमलाल कौशिक समर्थकों के साथ रैली की शक्ल में निगम विस्तार के खिलाफ दावा आपत्ती करने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान बेलतरा विधायक रजनीश सिंह,मस्तूरी विधायक डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी,तिफरा नगर पालिका अध्यक्ष रामू साहू, हर्षिता पाण्डे समेत उस्लापुर,घुरू,अमेरी,परसदा,लिंगियाडीह,मोपका समेत अन्य ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और ग्रामीण भारी संख्या में मौजूद थे।

            धरमलाल कौशिक ने बताया कि हम निगम विस्तार का विरोध करते हैं। निगम में शामिल होने वाले ग्राम पंचायतों और निकाय संस्थाओं की जनता ने निगम में शामिल होने से इंकार किया है। धरम ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री् संदन में कहते हैं कि बड़े पंचायतों के मोहल्लों को इकाई के रूप में स्थापित किया जाएगा। दूसरी तरफ गावं को निगम में शामिल करने की घोषणा करते हैं। मुख्यमंत्री को विकास की अवधारणा को समझना होगा।

                                    धरम ने बताया कि विकास को ध्यान में ही रखकर सत्ता का विकेन्द्रीकरण हुआ है। बड़े राज्यों को काटकर छोटे राज्य बनाए गए। दिल्ली में नया चौथा नगर निगम बनाया गया। चरोदा को निगम का दर्जा दिया गया। वीरगांव को रायपुर में मिलाया जा सकता था..लेकिन ऐसा नहीं किया गया। लेकिन मुख्यमंत्री ने बिलासपुर नगर निगम को बड़ा बनाने के लिए 19 ग्राम पंचायतों और निकायों की जनता को दरकिनार किया है।

                 धरम ने कहा कि सरकार बनने के बाद तीन बार विकास के खिलाफ सर्कुलर जारी किया गया। एक बार वित्त विभाग ने कहा स्वीकृत कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाए। फिर पंचायत और नगरीय विभाग ने सर्कुलर जारी कर विकास को वित्तीय ब्रेक लगा दिया। चौदहवे वित्त में सर्कुलर जारी कर कहा गया कि नए कार्यों को स्वीकृत नहीं दी जाए।धरम ने बताया कि सरकार बनने के बाद विकास ठप है। आकाल के हालात हैं। यदि निगम विस्तार कर गांवों को शामिल किया गया तो गरीबों का जीना मुश्किल हो जाएगा। गरीबों के साने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। मनरेगा और रोजगार गारंटी का लाभ गरीबों को नहीं मिलेगा। ऐसी सूरत में हम चाहते हैं कि सरकार निगम विस्तार की योजना के आदेश को वापस ले।

          एक सवाल के जवाब में धरम लाल ने कहा कि भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस सरकार विकास विरोधी है। गृहमंत्री बताएं कि पिछले सात महीनों में कांग्रेस सरकार ने विकास का कौन सा काम किया है। धरम ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेता फोटो छपवाने में माहिर हैं। दरअसल कांंग्रेसियों का विकास कार्यों से कोई लेना देना नहीं है।

                                 प्रदेश में गरीबों को सबसे ज्यादा पट्टा देने का काम छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने किया है। गृहमंत्री बताएं कि अभी तक उन्होने और उनकी सरकार ने गरीबों को कितना पट्टा दिया है। हिन्दुस्तान में गुणवत्ता वाली सड़क बना्ने में प्रदेश का नाम सबसे ऊपर है। गृहमंत्री बताएं कि अभी तक उन्होने कितनी सड़कों का निर्माण किया है।

         धरम ने कहा कांग्रेस सरकार नरवा घुरवा में मस्त है। मजेदार बात है कि योजना में भारी पोल है। विधानसभा में भी कह चुका हूं। जहां अभी तक योजना का उद्घाटन हुआ है। जाकर देखें विकास औंधे मुंह मिलेगा। दरअसल विकास की गति पूरी तरह से थम गयी है।

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