नियमित हुए शिक्षकों को नहीं मिली एरियर्स की राशि, डॉ . केशकर ने की भुगतान की मांग

बिलासपुर।प्रदेश में शिक्षाकर्मी से नियमिय हुए शिक्षको की पिछले कई सालो की हर महीने की पंचायत विभाग द्वारा दबाई हुई अंतर राशि जिसे साधारण बोलचाल में एरियर्स कहा जा रहा है…. आखिर कहाँ है….? निम्न से उच्च पद में गए सैकड़ो शिक्षको की कई सालों की मेहनत की अंतर राशि आखिर कहाँ है…?
ऐसा नही है कि शिक्षको की अंतर राशि विभाग ने नही दी है। संविलियन की घोषणा के बाद प्रदेश के सभी जिलों में लेन देन के बाद यह एरियर्स की राशि निकली है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्स्स्एप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

बस आम शिक्षक इससे महरूम रह गए। संविलियन हुए एक अरसा बीत गया शिक्षकों की समस्या निवारण में संबंधित अधिकारियों की रुचि नहीं। एक डेढ़ साल से समस्या जस की तस बनी हुई है।

इसी क्रम में सोमवार को शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय संघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर के नेतृत्व में शिक्षकों की स्थानीय समस्या के संबंध में कोरबा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया

डॉ केशकर ने बताया कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं में प्रमुख रूप से ऐसे शिक्षक जिनका 1 जुलाई 2018 को संविलयन हुआ पर संविलयन से पहले पंचायत विभाग में सेवा का 7 वर्ष पूर्ण होने पर समयमान वेतन, 8 वर्ष पूर्ण होने पर मिलने वाले पुनरीक्षित वेतन और प्रति वर्ष मिलने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि जिसे संबंधित अधिकारी समय पर पूर्ण नहीं कर पाए उसकी एरियर्स राशि के लिए शिक्षक पिछले डेढ़ साल से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। पर इतने लंबे समय में भी अधिकारी शिक्षकों को उनके हक और मेहनत के रुके हुए वेतन जिसे एरियर्स के रूप में जाना जाता है उसे नहीं दे पाए।

दूसरी तरफ ऐसे शिक्षक पंचायत संवर्ग जिनका 1 जुलाई 2019 के बाद 8 वर्ष पूर्ण हुआ उनका संविलयन नहीं हो पाया पर नियमानुसार जब उनका 8 वर्ष पूर्ण हुआ उन्हें छठवे वेतनमान के अनुसार पुनरीक्षित वेतनमान दिया जाना है, पर जुलाई के बाद नवंबर माह खत्म होने को है इस 5 माह में भी उनका पुनरीक्षित वेतनमान पंचायत विभाग के संबंधित अधिकारी बना नहीं पाए। इस निष्क्रियता और संवेदन हीनता के कारण जिले के शिक्षक कार्यालय के चक्कर लगाने मजबूर हो रहे हैं।

डॉ गिरीश केशकर ने बताया कि नगर निगम के कुछ शिक्षकों की 8 वर्ष पूर्ण होने पर पुनरीक्षित वेतन तो मिल रहा पर उसकी एरियर्स के लिए नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा गणना पत्रक भेजने बीईओ कटघोरा को पत्र लिखा गया पर आज पर्यन्त गणना पत्रक नहीं भेजने के कारण नगर निगम के कुछ शिक्षकों का 7-8 माह गुजर जाने के बाद भी एरियर्स नहीं बन पाया जबकि अधिकांस शिक्षकों का बनाया जा चुका है।

इस संबंध में शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर ने बताया कि विगत एक डेढ़ साल से विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत एवं कलेक्टर को ज्ञापन एवं मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराया जा रहा है पर समस्या जस की तस है जो चिंतनीय है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। अधिकारियों को शिक्षकों की समस्या निवारण में गंभीरता दिखानी चाहिए।

डॉ केशकर ने यह भी बताया कि विगत विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले अनेको शिक्षकों का निर्वाचन मानदेय नहीं मिल पाया है। जब से ऑनलाइन मानदेय देने की शुरुवात हुई है इसमें समस्या वहीं से शुरू हुई है।

यदि पहले जैसे चुनाव ड्यूटी के दौरान ही चुनाव ड्यूटी करने वाले अधिकारी कर्मचारी को नकद भुगतान कर दिया जाए जैसा पहले किया जाता था तो ये समस्या खत्म हो जाएगी। अधिकारियों को शिक्षकों की समस्या पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

ज्ञापन देने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर, प्रांतीय कोषाध्यक्ष तरुण वैष्णव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष डी एस मिरी, जिला उपाध्यक्ष हरिराम पटेल, संगठन सचिव बी पी रात्रे, कपिल सवैये, संतोष कर्ष, गोपाल घोष, अनूप सिदार, सत्यप्रकाश खांडेकर, मंजू त्रिपाठी, सपना खोब्रागढ़े, श्रीमती सरोज केसरी, नमिता कड़वे, गायत्री बिंझवार, चंपा निराला, भरत ध्रुव, राजेश कुमार नवरंग, अनिल भारद्वाज, सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

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