विद्युत कर्मचारियों की मांगों पर वादाख़िलाफी ; महासंघ की चेतावनी- 25 जून को रैली और 15 जुलाई से बेमुद्दत धरना देंगे

बिलासपुर । बीएमएस से संबद्ध बिजली कर्मचारी महासंघ एक प्रतिनिधि मंडल ने कार्यपालक निदेशक के माध्यम से अध्यक्ष के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। विद्युत कर्मचारियों की मांगों पर वादाख़िलाफी के विरोध में सौंपे गए इस ज्ञापन में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं गईं तो 25 जून को राजधानी रायपुर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा और 15 जुलाई से डंगनिया मुख़्यालय के सामने बेमुद्दत धरना शुरू किया जाएगा।

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ(महासंघ) द्वारा पॉवर कंपनीज के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों/समस्याओ के निराकरण करने हेतु विगत एक वर्ष में दो -दो बार 13 मार्च 2020 और 11 नवंबर 2020 को पॉवर कंपनी में तत्कालीन अध्यक्ष से महासंघ की द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई थी  । जिसमें संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के विषय पर एक माह के अंदर परीक्षण कराए जाने एवं कैशलेस मेडिकल सुविधा देने सहित अन्य बिंदुओ पर भी शीध्र विधि सम्मत कार्यवाही संपादित किये जाने हेतु संगठन को पूर्ण रूप से आश्वस्त किया गया था । परंतु प्रबधन द्वारा कर्मचारी मांगो पर उचित निर्णय नहीं लिए जाने एवं प्रबंधन की हठधर्मिता एवं वादाखिलाफी से बाध्य होकर ,महासंघ द्वारा कर्मचारी असंतोष को ध्यान में रखते हुए पांच चरणों मे चरणबद्घ आंदोलन को प्रारंभ करने की सूचना प्रबंधन को प्रदान की गई ।

महासंघ के प्रथम चरण के आंदोलन में प्रदेश के सभी के क्षेत्रों / वृत्त / संभाग / जोन / वितरण केंद्र स्तर पर व्यापक जन सम्पर्क करते हुए प्रबंधन की वादाखिलाफी से कर्मचारियों को अवगत कराया गया । इसके उपरांत प्रदेश में कोरोना महामारी की विभीषिका एवं भयावहता से उत्पन्न भीषण संकट एवं राज्य शासन की कोरोना गाइड लाइन का सम्मान करते हुए महासंघ ने द्वितीय चरण के आंदोलन को कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए,प्रबंधन को यह लेख करते हुए स्थगत की सूचना दी गयी कि वर्तमान कोरोना काल मे महासंघ के आंदोलन के स्थगन को अवसर मानते हुए कर्मचारियों की ज्वलन्त समस्याओ एवं मांगो के निराकरण की दिशा में समुचित कार्यवाही कर संघ को अवगत कराया जावे । परन्तु प्रबंधन द्वारा न तो कर्मचारी समस्याओ एवं मांगो के निराकरण में किसी भी प्रकार की रुचि दिखायी गयी और न ही महासंघ को द्विपक्षीय वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया।प्रबंधन की हठधर्मिता को ध्यान  में रखते हुए महासंघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के तृतीय चरण मंगलवार को प्रदेश के स्थानीय कोरोना प्रोटोकाल का ध्यान रखते हुए सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों के साथ ही कार्यपालक निदेशक बिलासपुर के माध्यम से कंपनी के अध्यक्ष के नाम महासंघ के चार -चार कार्यकर्ताओं द्वारा भाँतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपा गया। इसके उपरांत भी प्रबंधन द्वारा दिये गये आश्वासन के अनुरूप कर्मचारी हित में समुचित निर्णय नहीं लिए जाते है तो चतुर्थ चरण में 25 जून को राजधानी रायपुर शहर में विशाल रैली एवं डंगनिया मुख्यालय के समक्ष आमसभा करते हुए प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम एवं तदुपरांत पंचम चरण में 15 जुलाई से मुख्यालय डंगनिया रायपुर में अनिश्चित कालीन धरना दिया जावेगा । जिसके लिये प्रबंधन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।

संगठन की 12 सूत्रीय मांगों में कहा गया है कि पॉवर कंपनियों का एकीकरण किया जावे एवं निजीकरण पर तत्काल रोक लगायी जावे। पॉवर कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जावे। पॉवर कंपनियों के नियमित एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा प्रदान की जावे। पॉवर कंपनियों में कार्यरत कार्यालयीन एवं तकनीकी कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करने हेतु पदोन्नति वाले पदों का उच्चीकरण (अपग्रेडेशन) एवं पदों की रिस्ट्रक्चरिंग की जावे। पॉवर कंपनी में कार्यरत ठेका/ आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जावे । पॉवर कंपनियों में कार्यरत नियमित/संविदा/ठेका कर्मचारियों को रुपये 50 लाख का विशेष बीमा एवं मुक्त कोरोना वेक्सीन लगायी जावे। पॉवर कंपनियों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु गठित पेंशन ट्रस्ट में विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित राशि जमा की जावे। संविदा अवधि की गणना सेवाकाल अवधि में की जावे। पॉवर कंपनी में कार्यरत आई. टी. आई. योग्यताधारी लाईन परिचारक कर्मचारियों को परीक्षण सहायक श्रेणी – दो / तकनीशियन वितरण एवं डिप्लोमा आधार पर परीक्षण सहायक श्रेणी – दो के पद पर नियुक्त कर्मचारियों को कनिष्ठ अभियंता का पद प्रदान किया जावे। 1 ज़नवरी 2004 से नियुक्त विद्युत कर्मचारियों के लिए नयी पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जावे। एन.पी.एस. में कंपनी के मासिक अंशदान को 10 प्रतिशत के स्थान पर 14 प्रतिशत किया जावे। महासंघ द्वारा पूर्व में पत्रों के माध्यम से की गयी अन्य लंबित मांगो पर सकारात्मक कार्यवाही की जावे।
ज्ञापन में महासंघ बिलासपुर से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शिशिर कुमार मजूमदार , प्रदेश युवा प्रभारी एवं जिला संयोजक (भारतीय मजदूर संघ) श संजय कुमार  तिवारी , प्रदेश मंत्री मनीष कुमार क्षत्री , क्षेत्रीय सचिव संतोष कुमार शर्मा , क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष रामेश्वर दास मानिकपुरी , क्षेत्रीय संगठन सचिव काशी राव एवं जी महेश एवं संविदा कर्मी सनद दिवाकर एवं श्शुभम शामिल हुए।

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