कंप्यूटर में आया वायरस खाली कर सकता है आपका बैंक अकाउंट, बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

Botnet Attack: आज के दौर में ज्यादातर लोग बैंक से जुड़े कामकाज के लिए इंटरनेट और स्मार्टफोन की मदद लेते हैं. ऐसे में साइबर अपराधी भी इसका फायदा उठा रहे हैं. और साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में इनसे सावधान रहना बहुत जरूरी है. इनमें से एक तरीका बोटनेट का है. आइए जानते हैं कि बोटनेट (botnet) क्या है और इससे बचने के लिए किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

बोटनेट क्या है?

बोटनेट ऐसे कंप्यूटर्स का नेटवर्क है, जिनके साथ छेड़छाड़ की गई है. बोटनेट में मौजूद हर डिवाइस को बोट कहते हैं. एक बोट उस समय बनता है, जब कंप्यूटर में मालवेयर आ जाता है, जिससे उस पर थर्ड पार्टी का कंट्रोल हो जाता है. अपराधी बोटनेट को कई चीजों के लिए इस्तेमाल करते हैं, जिसमें से अपराधिक उद्देश्यों के लिए होती हैं. बोटनेट का सबसे ज्यादातर इस्तेमाल ईमेल स्पैम कैंपेन, स्पायवेयर फैलाने और डेटा चोरी करने के लिए किया जाता है.

बोटनेट का क्या असर होता है?

  1. बोटनेट से आपका नेटवर्क वायरस से इंफेक्ट हो जाता है, जिससे अपराधी आपके डेटा और ट्रांजैक्शन को एक्सेस कर सकते हैं.
  2. कीलोगर्स का इस्तेमाल करके बैंकिंग क्रिडेंशियल चुराए जा सकते हैं.
  3. आपके कंप्यूटर को स्पैम ईमेल को बड़े स्तर पर फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
  4. आपके कंप्यूटर को दूसरे डिवाइसेज को इंफेक्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
  5. आपके कंप्यूटर का इस्तेमाव क्लिक फ्रॉड के लिए हो सकता है, जिससे यह नोमिनेटेड वेबसाइट्स पर आपकी बिना जानकारी के जा सकता है, जिससे झूठा वेब ट्रैफिक बनाया जाता है.

बोटनेट से बचने के लिए सेफ्टी टिप्स

  1. कुछ प्रतिष्ठित सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर (एंटीवायरस) का इस्तेमाल करें. यह सुनिश्चित करें कि वह हमेशा अपडेटेड हो और स्विच ऑन रहे.
  2. कभी भी किसी अज्ञात, संदेहास्पद या गैर-विश्वसनीय जगह से आए ईमेल में दी गई फाइल्स को न खोलें.
  3. किसी भी अज्ञात, संदेहास्पद या गैर-विश्वसनीय स्रोत से मिले ईमेल में दिए लिंक पर क्लिक नहीं करें.
  4. दोस्तों या परिचितों से मिले ईमेल में भी गड़बड़ी हो सकती है, क्योंकि उनके डिवाइसेज को वायरस से इंफेक्ट किया जा सकता है.
  5. कनेक्टेड डिवाइसेज का इस्तेमाल करते समय बेहद सतर्क रहें, क्योंकि उनमें मालवेयर मौजूद हो सकता है.
  6. CDs/DVDs का इस्तेमाल करते समय भी सावधान रहें क्योंकि उनमें भी वायरस मौजूद हो सकता है.

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