जब प्रदेश के अमूमन सभी ज़िलों में लॉकडाउन जारी है, तब चंडीगढ़ की शराब राकी थाना के कुर्रूखार तक पहुँची कैसे?

रायपुर।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा ने प्रदेश में शराब तस्करी के मामलों में हो रहे इज़ाफ़े को लेक प्रदेश सरकार और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब समेत मादक पदार्थों की खपत बढ़ गई है और इनकी तस्करी के नज़रिए से तस्करों के लिए छत्तीसगढ़ सुरक्षित शरणस्थली बनता जा रहा है। कोरोना संक्रमण काल में तस्करी की बढ़ती वारदातें चिंताजनक हैं और शासन-प्रशासन के स्तर पर कड़ी कार्रवाई करके तस्करी के इस गोरखधंधे पर लगाम कसने में विफलता प्रदेश सरकार की नीयत-नीति-नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि जबसे देश में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी और लॉकडाउन की घोषणा हुई तबसे लेकर कोरोना संक्रमण की मौज़ूदा दूसरी लहर और प्रदेश के प्राय: ज़िलों में लॉकडाउन के वर्तमान दौर तक मादक पदार्थों के साथ-साथ शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इसे लेकर ज़रा भी गंभीर नहीं है।

राजधानी के निकटवर्ती अभनपुर थाना क्षेत्र में ग्राम पचेड़ा के पूर्व सरपंच सहित दो लोगों की अंतरराज्यीय 12 पेटी 31 पव्वा शराब के साथ गिरफ़्तारी के मद्देनज़र श्री शर्मा ने सवाल किया कि जब प्रदेश के अमूमन सभी ज़िलों में लॉकडाउन जारी है, तब चंडीगढ़ की शराब राकी थाना के कुर्रूखार तक पहुँची कैसे? पूर्ण शराबबंदी का नारा गंगाजल की कसम खाकर देने वाली यह प्रदेश सरकार की दोषपूर्ण शराब नीति का दुष्परिणाम है कि प्रदेश में गाँव-गाँव और गली-गली में शराब के अवैध ठिकाने खुल गए हैं और कोरोना प्रोटोकॉल तक का उल्लंघन करके तस्कर गाँव-गाँव शराब पहुँचाने में लगे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि शराब की कोचियागिरी जब प्रदेश सरकार का प्रिय शगल बन गया है तो प्रदेश में अन्य प्रदेशों से शराब की तस्करी कैसे रुकेगी?

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