मेरा बिलासपुर

VIDEO-देर रात लड़कियों को भेजा जाता है बाहर..पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं का आरोप..कलेक्टर तक पहुंची लिखित शिकायत..उपायुक्त ने दिया जांच का आदेश

बिलासपुर—सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पोस्टमैट्रिक आदिवासी छात्रावास की लड़कियों ने कलेक्टर से लिखित शिकायत कर वार्डन और चपरासी पर गंभीर आरोप लगाया है। छात्राओं ने बताया कि चपरासी और अधीक्षिका देर रात् लड़कियों को बिना रजिस्टर में दर्ज कर बाहर भेजती है। गलत काम के लिए दबाव बनाती है और विरोध करने पर प्रताड़ित करती है। किसी को भी चरित्रहीन बताकर अनाप शनाप काम के लिए मजबूर करती है। हमने मामले में कई बार शिकायत किया है। लेकिन प्रताड़ित करने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। मामले में आदिवासी विभाग के उपायुक्त ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है। गुरूवार को रिपोर्ट पेश होने पर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। 

जातिगत गाली गलौच

                      कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पोस्टमैट्रिक आदिवासी छात्रावास की छात्राओं ने वार्डन और चपरासी के खिलाफ लिखित में शिकायत की है। छात्राओं ने दोनो पर गंभीर आरोप लगाया है। छात्राओं ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की अधिक्षिका श्रद्धा भारद्वाज और कर्मचारी पुष्पा कुर्रे ने जीना मुश्किल कर दिया है। छात्रावास अधीक्षिका और चपरासी छात्राओं को जातिगत भेदभाव कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है। अधिक्षिका श्रद्धा भारद्वाज बात बात पर जातिगत गाली गलौच के अलावा फ्री में रहना-खाना की बात को लेकर उलाहना देती है।

दोनों के हौसले बुलन्द

                       छात्राओं ने बताया कि हमने जिला प्रमुख को लिखित शिकायत कर बताया है कि श्रद्धा भारद्वाज और पुष्पा कुर्रे की मनमानी से छात्राएं भयभीत हैं। पिछले तीन साल से कई जगह कई बार शिकायत के बाद भी दोनों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते दोनों के हौसले बुलन्द हैं। आए दिन हॉस्टल से निकालने की धमकी दी जाती है।  

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छात्राओं को भेजा जाता है बाहर

                  छात्राओं के अनुसार पुष्पा कुर्रे देर रात छात्राओं को बाहर भेजती है। जबकि देर रात हास्टल से छात्राओं को निकलना मना है। बावजूद इसके दोनो महिला कर्मचारी की शह पर छात्राओं को बाहर भेजा जाता है।  लेकिन गतिविधियों को रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता है।

विरोध करने पर चरित्रहीनता आरोप

                 छात्राओं के अनुसार जब भी हमने इसका विरोध किया..पुष्पा कुर्रे और श्रद्धा भारद्वाज ने अधिकारियों के साथ अवैध सम्बन्ध का झूठा आरोप लगाकर छात्रावास से निकालने की धमकी देती है। माता पिता को बुलाकर अपमानित किए जाने की बात कहती है। हम लोग बहुत परेशान हैं। जब हमें कहीं न्याय नहीं मिला तो कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत को दर्ज कराया है। देखते हें कि हमें यहां मिलता है या नहीं।

गुपचुप वीडियों बनाने का आरोप

               छात्राओं के अनुसार छात्रावास में हम लोगों का गुपचुप विडियो बनाया जाता है। इसके बाद दोनो महिला कर्मचारी लड़कियों की शरीर पर टीका टिप्पणी करती है। देर रात बाहर जाने के लिए दवाब बनाती है। हम लोगों को जीना मुश्किल हो गया है।

                बातचीत के दौरान लड़कियों ने बताया कि जब से श्रद्धा भारद्वाज को जानकारी मिली है कि हम कलेक्टर से शिकायत करने आए है। तब से लगातार फोन कर शिकायत नहीं करने का दबाव बना रही है।हमारी मांग है कि वार्डन और चपरासी दोनों को तत्काल हटाया जाए। 

 उपायुक्त ने दिया जांच का आदेश

              आदिवासी कल्याण विभाग उपायुक्त सीएल जायसवाल ने बताया कि शिकायत गंभीर है। हमने एक महिला कर्मचारी को जांच का जिम्मा दिया है। रिपोर्ट कल मिल जाएगी। दोषी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे।श्रद्धा भारद्वाज इस मातृत्व अवकाश में है। 

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