जिला मुख्यालय से 82 किलोमीटर दूर गांव नेलांगुर के घोटूल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन,दुर्गम रास्ते भी स्वास्थ्य विभाग की इस टीम का रास्ता नहीं रोक पाये

नारायणपुर- नारायणपुर जिले की विषम भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला प्रतिबद्ध है। जिला मुख्यालय से 82 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वाास्थ्य केन्द्र कुतुल सेक्टर के आश्रित गांव नेलांगुर के 10-12 परिवार उल्टी-दस्त एवं सर्दी बुखार से ग्रस्त होने की सूचना मिली जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला नारायणपुर ने टीम गठित कर उन्हें नेलांगूर जाने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग एवं रामकृष्ण मिशन के संयुक्त तत्वावधान में के घोटूल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

डॉ कमलेश इजारदार मेडिक आफिसर ने जानकारी दते हुए बताया कि प्राथमिक स्वाास्थ्य केन्द्र कुतुल सेक्टर के आश्रित गांव नेलांगुर में 10-12 परिवार उल्टी-दस्त एवं सर्दी बुखार से ग्रस्त हैं, के उपचार के लिए स्वास्थ्य टीम का गठन किया गया, जो बीते 30 मई को पहाड़ के उबड़-खाबड़ रास्तों, नादी-नालों को पार कर 31 मई को सवेरे 7 बजे दल के मुखिया डॉ कमलेश इजारदार मेडिकल आफिसर और श्री दिनेश भारद्वाज प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुतुल के नेतृत्व में एवं रामकृष्ण मिशन के स्वामी हितानंद महाराज ही के कुशल मार्गदर्शन में नेलांगूर गांव पहुंची।

दुर्गम रास्ते भी स्वास्थ्य विभाग की इस टीम का रास्ता नहीं रोक पाया। स्वास्थ्य अमला पूरे समर्पण भाव से इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए तत्पर नजर आया। स्वास्थ्य टीम में आरएचओ सुखबती पोटाई, पुनीत उर्वशा, कल्पना उईके, रूपेश यादव, आशना कुमेटी और नंदराज आलेन्द्र और ड्रेसर प्रेमलाल यादव शामिल थे।

जब गठित स्वास्थ्य विभाग का दल नेलांगूर पहुंचा तो लोग जब शिविर स्थल में आने से इंकार करने लगे ऐसी परिस्थिति में स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के लिए आग्रह किया। इसके बावजूद गांव के लोग ईलाज करवाने के लिए शिविर में नहीं आये, और न ही कोई रूचि दिखायी। लोगों द्वारा ईलाज से मनाही का कारण पूछने पर पता चला कि कोरोना महामारी के चलते वे किसी भी प्रकार की सामान्य बीमारी का भी ईलाज नहीं करवाना चाहते हैं। वे किसी भी प्रकार की सुई या गोली नहीं लेना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में स्वास्थ्य अमला ग्रामीणों को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि मेडिकल टीम यहां सर्दी खांसी, उल्टी, दस्त, जैसी बीमारियों के ईलाज के लिए आयी है। डॉ कमलेश इजारदार मेडिकल आफिसर के नेतृत्व में मेडिकल टीम घर-घर जाकर कौसलिंग करके दोबार घोटूल में मेडिकल टीम लौटी।

उसके एक घंटे बाद एक-एक करके 15 लोग अपना ईलाज करवाने स्वास्थ्य शिविर में आये, जिनमें से 6 लोग मलेरिया पॉजिटिव मिले, जिनका ईलाज किया गया और आवश्यक दवाईयां दी गयी। बाद में गांव के एक शिक्षित व्यक्ति श्री मुसरा उसेण्डी को सामान्य सर्दी जुखाम, बुखार आदि की आवश्यक दवाईयां दी गयी। वापस लौटते समय पदमकोट में 6 और कस्तूरमेटा में भी 4 मरीजों का ईलाज किया गया। डॉ कमलेश इजारदार एवं उनके दल द्वारा किये गये इस सराहनीय कार्य की कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू ने प्रशंसा की और प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी तरह से पूरे समर्पण भावना से काम कर इस अंदरूनी ईलाके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करायें।

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